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शनिवार को नोएडा के इलाहाबास गांव के 65 वर्षीय महमूद शव 24 घंटे तक पड़ा रहा, क्‍योंकि उन्‍हें दफनाने के लिए दो गज जमीन भी नहीं थी. परिजन जिस जगह पर दफनाना चाहते थे वहां पर महावीर सिंह नामक शख्स ने आपत्ति जता दी.

उन्‍होंने कहा कि उनके पूर्वजों ने खाली पड़ी 1200 वर्ग मीटर जमीन पर अस्थायी रूप से दफनाने की इजाजत दी थी. जमीन के मालिकाना हक को लेकर वह कोर्ट में गए थे, जहां से उनके हक में फैसला आया. इसके बाद महमूद के परिजन शव घर ले गए और 24 घंटे तक शव को बर्फ के सहारे रखना पड़ा.

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महमूद के रिश्‍तेदार शमीउद्दीन ने बताया कि इसकी जानकारी जब सिटी मैजिस्ट्रेट बच्चू सिंह समेत पुलिस प्रशासन को लगी तो गांव में भीड़ बढ़ने लगी. बातचीत के बाद गांव के ही राजेंद्र प्रधान ने अपनी 1000 वर्ग मीटर जमीन कब्रिस्तान के लिए मुस्लिम समुदाय को दान कर दी.


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