हैदराबाद – हैदराबाद यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्राओं को पुलिस वालों ने रेप की धमकियां तक दीं। मामले की पड़ताल कर रही एक स्वतंत्र जांच टीम ने यह दावा भी किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्राओं से मारपीट की गई।

यह टीम 22 मार्च को हैदराबाद यूनिवर्सिटी में हुए घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। पैनल की अंतरिम रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुलिस द्वारा महिला स्टूडेंट्स से अभद्र भाषा और रेप तक की धमकी देते सुना गया। इस पैनल में कई शिक्षाविद, वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील शामिल हैं।

यह कमिटी स्टूडेंट्स, फैकल्टी मेंबर्स, पुलिस और तेलंगाना के गृह मंत्री से भी मिली थी। टीम ने दावा किया कि अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को निशाना बनाते हुए बयानबाजी की गई और उन्हें आतंकवादी बुलाते हुए भी सुना गया।

Rohit-Vamula
पुलिस ने वीसी अप्पा राव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे 25 स्टूडेंट्स और 2 फैकल्टी सदस्यों को अरेस्ट किया था। अप्पा राव, उनके प्रतिनिधियों और यूनिवर्सिटी के अन्य कर्मियों ने पैनल से मिलने से इनकार कर दिया था। कमिटी का दावा था कि 23 मार्च को रजिस्ट्रार ने मीडिया, सामाजिक-राजनीतिक और छात्र समूहों की एंट्री को बैन कर दिया था।

पैनल ने कहा कि अप्पा राव की छुट्टी के बाद वापसी से कैंपस की शांति में खलल पैदा हो गया क्योंकि रोहित वेमुला आत्महत्या मामले में ‘पुलिस ने उनके, केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और एबीवीपी नेता सुशील कुमार के खिलाफ दर्ज मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की जिनके खिलाफ एससी/एसटी (प्रिवेंशन ऑफ अट्रोसिटीज ऐक्ट) के तहत मामला दर्ज है।’ पैनल ने जल्द से जल्द क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन की सिफारिश की और पुलिस के खिलाफ कदम उठाने की सिफारिश की जिसने SC/ST अमेंडमेंट ऐक्ट, 2016 के सेक्शन 4 के तहत अपनी ड्यूटी जानबूझकर नहीं निभाई।

Hyderabad University Report Says Some Girl Students Were Threatened With Rape


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