जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं द्वारा पाकिस्तान के साथ बातचीत पर केंद्र सरकार को कोई ऐतराज नहीं हैं।लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री वी के सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है और हुर्रियत नेता भारत के नागरिक हैं। लिहाजा उन्हें किसी से भी बातचीत करने का अधिकार हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत शिमला और लाहौर समझौता के अनुसार होगी। भारत इस मुद्दे पर अपनी भूमिका पहले ही बता चुका है। अगस्त 2014 में पाकिस्तान हाईकमिश्नर अब्दुल बासित और हुर्रियत नेताओं की मुलाकात के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की बातचीत रद कर दी थी।

हुर्रियत नेताओं की बातचीत की वजह से दोनों देशों के बीच वार्ता टल भी गयी। इन सब घटनाक्रम के बाद मोदी सरकार की पाक नीति पर जमकर आलोचना हुई।


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