teesta sitalwad

अहमदाबाद – अमित शाह और पीएम नरेन्द्र मोदी को गुजरात दंगो को लेकर सवालों के कठघरे में खड़ा करने वाली तीस्ता सीतलवाड़ के लिए मुश्किलें खत्म होने का नाम नही ले रही है अभी पिछले ही दिनों जब तीस्ता उत्तर-प्रदेश के लखनऊ में किसी कार्यक्रम में आई थी तब वहां उन्हें ‘किसी बड़े साब के कहने के कारण ठहरने के लिए कमरा तक ना मिल पाया था’

गौरतलब है की गुजरात दंगो को लेकर तत्कालीन मोदी सरकार तथा अमित शाह पर सवाल खड़े किये थे वहीँ पिछले वर्ष उनपर गुलबर्ग सोसायटी में मारे गए लोगो के स्मारक बनाने के लिए चंदे में हेरफेर के कारण उन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तक हो चुकी है.

अभी टाइम्स नाउ की खबर के अनुसार गृह मंत्रालय ने गुरुवार को इस एनजीओ का रजिस्ट्रेशन कैंसल कर दिया। उनके NGO पर विदेशी चंदा विनियमन कानून का उल्लंघन करने का आरोप है।

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गौरतलब है की ये NGO वो अपने पति जावेद आनंद के साथ मिलकर चलाती है। इससे पहले गृह मंत्रालय ने सबरंग ट्रस्ट पर फॉरन डोनेशन हासिल करने पर रोक लगा दी थी।

मंत्रालय ने फॉरन कंट्रिब्यूशन रेग्युलेशन ऐक्ट (FCRA) के तहत सबरंग का लाइसेंस कैंसल करने की प्रक्रिया भी शुरू की थी। सबरंग 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े मामलों को उठाता रहा है। तीस्ता गुजरात में नरेंद्र मोदी की तत्कालीन सरकार की भी बड़ी आलोचक रही हैं।

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