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हैदराबाद | उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में, बीजेपी विकास के एजेंडे के साथ मैदान में उतरना चाहती है. लेकिन आरएसएस चाहती है की बीजेपी विकास के एजेंडे के साथ साथ हिंदुत्व को भी अपने एजेंडे में जगह दे. इसके अलावा आरएसएस ने मोदी सरकार को , राष्ट्रिय शिक्षा निति तय करने का भी आदेश दिया है. आरएसएस ने शिक्षा निति में ,संस्कृत को अनिवार्य करने की शर्त रखी है.

हैदराबाद में पिछले महीने हुई आरएसएस कीअखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक में , संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने पार्टी से कई सवाल किये. इस बैठक में उठे मुद्दे की जानकारी देते हुए दत्तात्रेय ने कहा की हमने पार्टी से पुछा की वो उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावो में अन्य मुद्दों के साथ , राम मंदिर और हिंदुत्व के मुद्दे को कैसे उठाएंगे.

दत्तात्रेय ने बीजेपी से नयी राष्ट्रिय शिक्षा निति जल्द से जल्द लागू करने का भी आदेश दिया. इसके अलावा इस बैठक में यह शर्त भी रखी गयी की शिक्षा निति में , संस्कृत को अनिवार्य किया जाये. आरएसएस की इस बैठक में यह भी तय हुआ की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लोकसभा चुनाव की तर्ज पर लड़ा जाएगा. इस चुनाव में आरएसएस अपनी सारी ताकत झोंकेगी.

आरएसएस की इस बैठक में बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह के साथ , बीजेपी प्रभारी कृष्ण गोपाल, संगठन महासचिव रामलाल , उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा शामिल हुए. इसके अलावा आरएसएस के लगभग सभी प्रतिनिधियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया.

महाराष्ट्र सदन में चली इस बैठक में आरएसएस ने मोदी सरकार के दींन दयाल उपाध्याय के जन्मशती वर्ष पर किये जा रहे आयोजनो का जायजा लिया. इसके अलावा कई और राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लिया गया.


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