मुंबई | देश की सबसे तेज ट्रेन ‘तेजस’ का अवागमन आम जनता के लिए शुरू कर दिया गया है. सोमवार को इस ट्रेन ने अपनी पहली यात्रा मुंबई से गोवा पहुंचकर पूरी की. ‘तेजस’ को देश की सबसे आधुनिक ट्रेन कहा जा रहा है. अधिकारी इसको पटरी पर प्लेन कहकर पुकार रहे है. खुद रेल मंत्री भी तेजस की शुरुआत से काफी खुश है. लेकिन इस ट्रेन को संचालित करने में कुछ समस्याओ का भी सामना करना पड़ रहा है.

दरअसल इस ट्रेन में यात्रियों को बहुत सारी सुख सुविधाए दी जा रही है. मसलन वाई फाई, सीसीटीवी , चाय-कॉफ़ी की मशीने और सबसे बड़ी चीज , हर सीट पर लगी एक एलईडी स्क्रीन. इस स्क्रीन के जरिये यात्री , यात्रा के दौरान कार्यक्रम का मजा ले सकेंगे. इस स्क्रीम में आवाज के लिए सभी यात्रियों को एक एक हेडफ़ोन दिया जाएगा जिससे वो कार्यक्रम की आवाज को बिना किसी शोर शराबे के सुन पाएंगे.

यही हेडफ़ोन अब रेलवे अधिकारियो की परेशानी का सबब बन गए है. दरअसल जब यात्रियों को ट्रेन में उनकी सीट पर पहुँचाया जाता है तो उनको एक एक हैडफ़ोन दिया जाता है. लेकिन तेजस की पहली यात्रा के दौरान रेलवे यह घोषणा करना भूल गया की ये हैडफ़ोन यात्रा समाप्त होने के बाद वापिस भी करने है. इसलिए करीब एक दर्जन से ज्यादा लोगो ने इन हेडफ़ोन को वापिस ही नही.

रेलवे के एक सीनियर अफसर ने मुंबई मिरर से बातचीत करते हुए इस बात की पुष्टि की. इसके अलावा उन्होंने बताया की कुछ एलईडी स्क्रीन पर स्क्रेचेज भी लगे मिले. इसलिए बुधवार को यात्रा के दौरान कुछ यात्रियों ने हेडफ़ोन नही मिलने की शिकायत भी की. इसके अलावा वाईफाई के काम न करने की भी शिकायत की गयी. बताते चले की तेजस 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती है. यह मुंबई से गोवा की 552 किलोमीटर की दूरी में महज 9 घंटे में पूरी करती है.


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