हरियाणा में कैबिनेट ने जाट आरक्षण विधेयक को मंजूरी दे दी है और विधानसभा के मौजूदा सत्र में ही इसे पेश किया जाएगा. बिल में जाटों के अलावा सिख जाट, त्यागी, बिश्नोई और रोड़ जातियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था का प्रावधान होगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी, बल्कि संविधान के दायरे में रहते हुए जाटों और अन्य जातियों के लिए आरक्षण का जो भी प्रावधान संभव होगा, वो किया जाएगा.

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रविवार को ही जाट नेताओं ने आरक्षण के लिए अपना आंदोलन फिर से शुरू करने की धमकी दी थी. वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पहले ही कहा था कि 14 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में आरक्षण विधेयक लाया जाएगा.

हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग को लेकर पिछले महीने क़रीब एक पखवाड़े तक प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन किया था. इस दौरान हरियाणा में 30 लोग मारे गए थे और सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था. (BBC)

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