चेन्नई | देश में बेरोजगारों की स्थिति की भयावह है इसकी बानगी हम कई बार देख चुके है. एक पीएचडी, इंजिनियर या एमबीए डिग्री धारक जब चपरासी की नौकरी के लिए आवेदन करता है तो यह बात समझ में आ जाती है की देश में बेरोजगारी ने किस कदर पैठ बनायी हुई है. इसी बात का फायदा कुछ संगठन भी उठा रहे है. ये फर्जी संगठन पढ़े लिखे लोगो को नौकरी का झांसा देकर उनसे अच्छी खासी रकम ऐंठ लेते है.

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लेकिन कुछ ऐसे संगठन भी है जो कुछ न कुछ इंतजाम करके लोगो को नौकरी दिलवा देते है. हालाँकि हमेशा पकडे जाने का भी खतरा रहता है. एक ऐसा ही मामला तमिलनाडु डाक विभाग में सामने आया है. यहाँ पिछले साल डाकिया और मेल गार्ड की सीधी भर्ती के लिए आवेदन मंगाए गए थे. इनमे काफी आवेदन हरियाणा और पंजाब से भी प्राप्त हुए. जबकि इन पदों के लिए जो परीक्षा होनी थी उसमे एक पेपर तमिल भाषा का भी शामिल था.

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11 दिसम्बर 2016 को इन पदों के लिए 5 केन्द्रों पर परीक्षा ली गयी. जिसका मार्च 2017 में परिणाम घोषित किया गया. तमिलनाडु डाक विभाग तब हैरान रह गया जब हरियाणा के कई उम्मीदवारों ने तमिल भाषा में अच्छे अंक प्राप्त किये. परीक्षा परिणामो को देखने के बाद विभाग को शक हुआ तो उसने इसकी शिकायत सीबीआई से की. अपनी शिकायत में विभाग ने कई संदेहस्पद चीजे सीबीआई के सामने रखी.

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शिकायत में बताया गया की हरियाणा के जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया था उन्होंने हरियाणा बोर्ड से अपनी शिक्षा पूरी की है. इसलिए उनको तमिल भाषा का ज्ञान होने का कोई सवाल ही नही उठता. इसके अलावा 47 उम्मीदवारों ने हरियाणा के सोनिक वायरलेस टेक्नॉलजी से एक ही आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर आवेदन किये है. यही नही 36 उम्मीदवारों ने ईमेल आईडी भी एक ही इस्तेमाल की है.


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