चंडीगढ़ | हमारा देश विविध संस्कृति और धर्मो का देश है. यहाँ हर धर्म अपने अपने रीती रिवाज और प्रथाओ को निभाने के लिए स्वतंत्र है. इन्ही प्रथाओ में से एक है ‘घुंघट’. आज भी देश के कई राज्य ऐसे है जहाँ महिलाओं को इस प्रथा का पालन करना पड़ता है. जहाँ हर समय घुंघट ओढे रखना उनकी मज़बूरी है. हरियाणा एक ऐसा राज्य है जहाँ आपको आज भी महिलाये घूँघट में दिखाई दे जायेंगी.

खुद हरियाणा की खट्टर सरकार ,घूँघट को प्रदेश की शान मानती है. प्रदेश सरकार की पत्रिका ‘हरियाणा संवाद’ में ‘घूँघट’ को प्रदेश की शान बताया गया है. लेकिन घूंघट के प्रति सरकार का यह प्रेम उनके लिए काफी भारी पड़ता दिख रहा है. दरअसल विपक्षी दलों के अलावा कई सामाजिक संगठनो ने खट्टर सरकार की इस सोच की कड़ी आलोचना की है. अब इस मुद्दे पर पत्रकार भी खट्टर सरकार के खिलाफ होते दिखाई दे रहे है.

दरअसल हरियाणा के स्थानीय न्यूज़ चैनल ‘एसटीवी हरियाणा न्यूज़’ की एक एंकर ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए एक अजीब रास्ता अपनाया. उन्होंने लाइव डिबेट शो की शुरुआत घूँघट ओढ़कर करते हुए प्रदेश सरकार को एक करार जवाब देने की कोशिश की. न्यूज़ चैनल की एग्जीक्यूटिव एडिटर और एंकर प्रतिमा दत्ता ने जैसे ही अपने शो की एंकरिंग करने के लिए पर्दे पर दिखाई दी तब वह घूँघट ओढे हुए थी.

शो की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा की घूँघट के बाहर कुछ भी देख पाना संभव नही है. खट्टर सरकार जिसको प्रदेश की आन शान और बान बता रही है वो कुछ नही और कुछ नही बल्कि बेड़िया है. यह महिलाओ से उसकी पहचान छीनता है. इससे उनकी कोई पहचान नही रह जाती. इसके बाद प्रतिमा ने अपना घूँघट उठाते हुए कहा की जैसे ही मैंने घूँघट उठाया मेरी पहचान भी सबके सामने आ गयी. बेटी पढाओ और बेटी बचाओ अभियान चलाने वाली सरकार के लिए घूँघट को अपनी शान बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

देखे विडियो 


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

अभी पढ़ी जा रही ख़बरें

SHARE