नई दिल्ली | सोमवार को कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले से देश सहम गया. इस हमले में 7 श्रदालुओ की मौत हो गयी जबकि कई लोग घायल हो गए. सोमवार शाम 8.20 बजे 54 यात्रियों से भरी एक बस पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलिया चलानी शुरू कर दी. वो तो भला हो बस ड्राईवर का जिसने अपनी सूझ बूझ से काफी यात्रियों की जान बचा ली. उसने हमले के दौरान बस की गति बढ़ा दी जिससे बाकि यात्रियों आतंकियों की गोली का शिकार होने से बच गए.

एक तरफ जहाँ पूरा देश इस हमले की निंदा कर रहा है वही पाटीदार आरक्षण आन्दोलन के अगुवा हार्दिक पटेल ने हमले पर संदेह जताते हुए इस पर सवाल खड़े कर दिए. उनका कहना है की आतंकी हमले में मरने वाले सभी यात्री गुजरात से है, वो बस जिस पर हमला हुआ वो भी गुजरात से है और गुजरात में चुनाव भी होने वाले है. सभी बातो को जोड़ते हुए हार्दिक ने पुछा की कही यह साजिश तो नही?

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इस आतंकी हमले के कुछ देर बाद ही हार्दिक पटेल ने एक ट्वीट कर कहा,’ क्या ?? गुजरात में इस साल चुनाव हैं. अमरनाथ यात्रियों पर हुवे हमले में मरनेवाले सभी गुजरात के हैं. सुरक्षा पर सवाल या फिर साज़िश ?? हालाँकि हार्दिक के सवालों के जवाब तो जांच के बाद ही मिल पाएंगे. लेकिन यात्रियों की सुरक्षा में हुई इस चुक पर कुछ सवाल उठने लाजिमी है.

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दरअसल जिस बस में ये यात्री सवार थे, वह बस श्राइन बोर्ड में रजिस्टर्ड नही थी. इसलिए बस को यात्रा के रूट पर जान की इजाजत कैसे मिली? वही बताया जा रहा है की जब बस पर आतंकी हमला हुआ, उससे ठीक 50 मिनट पहले ही सुरक्षा हटा ली गयी. चूँकि 4 बजे अधिकारिक यात्रियों का जत्था रवाना हुआ तगा इलसिए करीब 7.30 बजे पेट्रोल पार्टी की गश्त को हटा लिया गया. क्योकि सुरक्षाकर्मियो को इस बात की जानकारी नही थी की कोई और भी बस बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आने वाली है.


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