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प्रसिद्ध सूफी संत हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश सबंधी मामलें को सुलझाने के लिए सहमति बनती दिख रही हैं.

दरगाह मैनेजमेंट ने महिलाओं के प्रवेश के लिए अलग से रास्ता बनाये जाने की बात रखी हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने सुप्रेम कोर्ट को बताया कि उन्‍होंने मैनेजमेंट को इस बात पर राजी कर लिया है कि वो एक मैकेनिज्‍म बनाएं ताकि मामले को सुलझाया जा सके.

टाइम्स ऑफ इडिया के मुताबिक, सुब्रमण्यम ने मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि उन्होंने दरगाह कमेटी को मना लिया है कि वह एक ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे महिलाएं गर्भ गृह तक पहुंच सके.  मैनेजमेंट की नई व्यवस्था से महिलाएं दरगाह के भीतरी हिस्से में भी प्रवेश कर सकेंगी.

सुब्रमण्यम ने बताया, वह सुप्रीम कोर्ट की प्रगतिशील इच्छा पर दरगार मैनेजमेंट के फैसल से प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि हमारा मुख्‍य लक्ष्‍य है कि दरगाह की पवित्रता बनी रहे साथ ही यहां आने वाले भी सुरक्षित रहें. महिलाओं की सुरक्षा के लिए उनके प्रवेश का अलग रास्‍ता बनाया जाएगा साथ ही महिला और पुरुष भी अलग होंगे.

हालांकि  अदालत ने बंबई हाई कोर्ट द्वारा लगाई गयी रोक की अवधि 17 अक्टूबर को 24 अक्तूबर तक के लिए बढ़ा दी है. अब  अदालत  इस मामले में अब 24 अक्तूबर को सुनवाई करेगी.


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