मुंबई की विश्व प्रसिद्ध हाजी अली दरगाह इलाके में अतिक्रमण के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट करेगा. दरअसल 22 मार्च 2017 को बोंबे हाईकोर्ट ने दरगाह ले 908 वर्ग मीटर इलाके में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे. जिसके बाद हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

दरगाह ट्रस्टCJI खेहर की बेंच ने कहा कि वो 908 मीटर में से 171 वर्ग मीटर इलाका जिसमें मस्जिद है, उस पर तोडफोड से रोक लगा देंगे.  लेकिन ट्रस्ट ये सुनिश्चित करे कि बाकी अतिक्रमण को हटाने में वो अथारिटी की मदद करेगा मस्जिद को लेकर वो बाद में सुनवाई करेगा.

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दरगाह ट्रस्ट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट का आदेश सही नहीं है. ये मस्जिद काफी पुरानी है और 1931 से लीज उसके पास है. हाईकोर्ट के इलाके में तोड़फोड़ के आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाजी अली के पास काफी अतिक्रमण है और ये सिर्फ दुकानें हैं. लोगों को दरगाह तक पहुंचने में दिक्कत होती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दरगाह ट्रस्ट 8 मई तक खुद ही हटाए अतिक्रमण.

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पिछली सुनवाई में कोर्ट की और से बीएमसी से कहा कि हाजी अली दरगाह का सौंदर्यीकरण होना ही चाहिए. बीएमसी दरगाह ट्रस्ट के दिए सौंदर्यीकरण के प्लान को या तो मंजूर करे या संशोधन करे या खुद अपना प्लान बताए.

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मुद्दे पर कोई भी कोर्ट कोई आदेश जारी नहीं करेगी.  किसी पक्षकार को दिक्कत है तो वो सुप्रीम कोर्ट आ सकता ह  सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में पक्षकारों को नोटिस जारी किया था.

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