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भगवा संगठनों और कथित गौरक्षकों द्वारा अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय और दलितों को हिंसा का शिकार बनाये जाने पर अल्पसंख्यक आयोग ने चिंता जाहिर की हैं. अल्पसंख्यक आयोग ने कहा कि ये घटनाएं ‘चिंताजनक और अफसोसनाक’ हैं और प्रशासन के स्तर पर ऐसे लोगों पर अंकुश लगाने की जरूरत है.

हाल ही में मेवात में दो महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार, बिरयानी से मांस के नमूने एकत्र करने और दिल्ली में दो लोगों पर कथित गौरक्षकों के हमले की घटनाओं का हवाला देते हुएआयोग के अध्यक्ष नसीम अहमद ने न्यूज एजेंसी ‘भाषा’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि ‘इस तरह के हमले चिंताजनक और अफसोसनाक हैं. इनको रोकने के लिए प्रशासन के स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जरुरत है.’

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उन्होंने आगे कहा, ‘मेवात की घटना पर हमने प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. इसी तरह से दिल्ली की घटना पर हमने पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर रिपोर्ट तलब की है. रिपोर्ट आ जाने के बाद आगे कदम उठाया जाएगा.’

गौरतलब रहें कि कई दिनों से लगातार गौरक्षा के नाम पर मुस्लिम और दलित समुदाय पर अत्याचार बढता ही जा रहा हैं.  दादरी से शुरू हुआ ये सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा.

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