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अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात में कथित गौरक्षा का काला सच सामने आ रहा हैं. गौरक्षा के नाम पर फैले इस गोरखधंधे में हफ्ता वसूली भी की जाती हैं. ये अवैध हफ्ता वसूली मीट को शहर में लाने और बाहर लेकर जाने पर की जाती हैं.

इस बात का खुलासा तब हुआ जब साबिर पटेल के मुस्लिम ड्राईवर ने कथित गौरक्षकों को अवैध हफ्ता देने से इंकार कर दिया. दरअसल 24 सितंबर को साबिर पटेल अपने ऑटो से भैंस और नील गाय का मीट ऑटो में लेकर जा रहे थे. इस दौरान राजू सथवारा और उसके सहयोगी गौरक्षको ने विठलपूर चाकरी में उनके ऑटो को रोक लिया.

इस दौरान उन्होंने साबिर से हफ्ता देने की बात कही. हफ्ता नहीं देने पर सबीर के साथ लोहे की छड़ से पीटना शुरू कर दिया. और धमकी दी कि अगर हफ्ता नहीं दिया तो उसका हाल मुहम्मद अयूब की तरह कर दिया जायेगा. और जान से हाथ धोना पड़ेगा.

साबिर ने इस बारें में कहा कि जब उसने गौ रक्षको सेहफ्ता मांगने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा, “मैं अपने ऑटो रिक्शा में भैंस और नीले बैल का मांस नौका का इस्तेमाल किया। उन्होंने मुझे मांस नौका के लिए अनुमति देने के लिए 15,000 रुपये का हफ्ता देने की बात कही। “


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