नई दिल्ली | आज रात जैसे ही घडी में रात के 12 बजेंगे , वैसे ही आपकी जिन्दगी में कई अहम् बदलाव शुरू हो जायेंगे. आधी रात को देश , आजाद भारत के सबसे बड़े कर सुधार को लागू होते देखेगा जब संसद के केन्द्रीय कक्ष में एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी जीएसटी को लांच करेंगे. इस समारोह में देश की कई बड़ी हस्तिया भी शामिल होंगी. इनमे कई प्रदेशो के मुख्यमंत्री और बॉलीवुड कलाकार भी शामिल है.

दरअसल मोदी सरकार ने 1 जुलाई से पुरे देश में जीएसटी लागु करने का फैसला किया है. एक देश एक कर की अवधारणा के साथ आ रहा जीएसटी करीब 10 साल के सफ़र के बाद लागु हो रहा है. अप्रत्यक्ष कर की इस नई सुविधा के लागू होने से आम भारतीय की जिन्दगी बेहतर होगी या बदतर , इस बारे में जानकार दो मत में बंटे हुए है. कुछ का मानना है की इससे महंगाई बढ़ेगी तो लोगो की जिन्दगी बदतर होगी तो कुछ इसे देश की अर्थव्यस्था के लिए सही ठहरा रहे है.

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आइये हम आपको बताते है की आखिर जीएसटी क्या है और इससे आपकी जिन्दगी पर क्या प्रभाव पड़ेगा? दरअसल सरकार ने 17 अप्त्यक्ष करो को ख़त्म कर एक ही कर जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) का फैसला किया है. इसको लागु करने से पहले सबसे बड़ी माथापच्ची इस बात पर की गयी की , जीएसटी में टैक्स दर क्या राखी जाये? काफी माथापच्ची के बाद जीएसटी को चार टैक्स दरो में बांटा गया. 5,12 ,18 और 28 फीसदी.

इसके बाद जीएसटी कौंसिल ने करीब 12 हजार वस्तुओ के टैक्स स्लैब को निर्धारित किया. इनमे से काफी वस्तुओ पर 0 फीसदी भी टैक्स लगाया गया है. आइये आपको बताते है की किस वस्तु पर कितना टैक्स लगेगा-:

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कोई टैक्स नहीं लगेगा- जूट, ताजा मीट, मछली, चिकन, अंडा, दूध, छाछ, दही, प्राकृतिक शहद, ताजा फल, सब्जियां, आटा, बेसन, ब्रेड, प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर, स्टांप पेपर, मुद्रित किताबें, अखबार, चूड़ियां, हैंडलूम, अनाज, काजल, बच्चों की ड्राइंग, कलर बुक इत्यादि. एक हजार रुपये से कम कीमत वाले होटल और लॉज इत्यादि.

पांच प्रतिशत टैक्स- पैक्ड फूड, 500 रुपये से कम मूल्य के जूते-चप्पल, मिल्क पाउडर, ब्रांडेड पनीर, कॉफी, चाय, मसाले, पिज्जा ब्रेड, साबूदाना, कोयला, दवाएं, काजू, किसमिस, बर्फ, बायो गैस, इंसूलीन, अगरबत्ती, पतंग, डाक टिकट इत्यादि. रेलवे, हवाई जहाज, छोटे रेस्तरां इत्यादि.

12 प्रतिशत टैक्स- एक हजार रुपये से ऊपर के परिधान, मक्खन, चीज, घी, सॉसेज, दंत मंजन, सेलफोन, केचअप, चम्मच, कांटे, चश्मे, ताश, कैरम बोर्ड, छाता, आयर्वेदिक दवाएं, सिलाई मशीन, नमकीन, भुजिया इत्यादि. राज्य सरकार द्वारा चलाई जाने वाली लाटरियां, नॉन-एसी होटल, बिजनेस क्लास एयर टिकट, खाद इत्यादि.

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18 प्रतिशत टैक्स- सबसे ज्यादा वस्तुएं इस वर्ग में रखी गई हैं। 500 रुपये से अधिक के जूते-चप्पल, सॉफ्टवेयर, बीड़ी पत्ता, सभी तरह के बिस्किट, पास्ता, कॉर्नफ्लेक्स, मिनरल वाटर, एनवेलप, नोटबुक, स्टील के सामान, कैमरा, स्पीकर, मॉनिटर, काजल पेंसिल, एलुमिनियम फॉयल इत्यादि. शराब परोसने वाले एसी होटल, टेलीकॉम सेवाएं, आईटी सेवाएं, ब्रांडेड कपड़े, वित्तीय सेवाएं इत्यादि.

28 प्रतिशत टैक्स – बीड़ी, चूइंग गम, बगैर कोकोआ वाले चाकलेट, पान मसाला, पेंट, डियोड्रेंट, शेविंग क्रीम, शैम्पू, वाशिंग मशीन, ऑटोमोबाइल्स, मोटरसाइकिल इत्यादि. राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त प्राइवेट लॉटरियां, 7500 रुपये से ज्यादा कीमत वाले होटल, पांच सितारा होटल, रेस क्लब बेटिंग, सिनेमा इत्यादि.


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