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नई दिल्ली | चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया टीएस ठाकुर ने जजों की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. चीफ जस्टिस ने मोदी सरकार पर जजों की नियुक्ति न करने और मूलभूत सुविधा न देने का आरोप लगाया. वही केंद्र सरकार ने चीफ जस्टिस के आरोपों को नकारते हुए कहा की हम न्यायपालिका में लगातार जजों की नियुक्ति कर रहे है.

दिल्ली में आयोजित , केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के अखिल भारतीय सम्मेलन में बोलते हुए टीएस ठाकुर ने कहा की केंद्र सरकार की तरफ से हमें सुविधा नही मिल रही है. कोर्ट रूम बिना जजों के खाली पड़े हुए है. हाई कोर्ट में करीब 500 जजों के पद खाली है. ट्राइब्यूनल में हमें अपने रिटायर्ड जजों को भेजना पड़ता है जो बहुत पीड़ादायक है. वो भी खाली पड़े हुए है.

ठाकुर ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की जजों की नियुक्ति के अलावा आधारभूत ढांचा भी एक समस्या है. ट्राइब्यूनल के पास खुद आधारभूत ढांचा नही है. ऐसे में अगर कोई सुविधा नही मिलेगी तो एक दिन ऐसा आएगा की वहां कोई भी जज जाने से हिचकिचाएगा. सरकार इन ट्राइब्यूनल के लिए सुविधा देने के लिए तैयार नही है. यही नही सरकार जजों के लिए जगह तक मुहैया नही करा रही है.

केंद्र सरकार ने टीएस ठाकुर के आरोपों को नकारते हुए कहा की हमने 121 जजों की नियुक्ति कर दी है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा की मैं बड़े आदर के साथ चीफ जस्टिस जी से असहमत हूँ. 1990 से अब तक केवल 80 जजों की नियुक्ति हुई है , हमने 121 जज नियुक्त किये है. जहाँ तक सवाल ट्राइब्यूनल के आधारभूत ढांचे का है तो यह धीरे धीरे ही सुधरेगा. सुविधा के नाम पर हम ट्राइब्यूनल के जजों को रहने के लिए बंगले नही दे सकते.


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