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केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक के विरोध में की जा रही कारवाई को लेकर अब मुस्लिम महिलाये भी खुलकर विरोध में आ गई हैं. वीमन इंडिया मूवमेंट संगठन के बेनर तले मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि शरीअत में दखलंदाजी मंजूर नहीं है।

वीमन इंडिया मूवमेंट की अध्यक्ष यास्मीन फारूकी ने कहा कि केन्द्र सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने एवं उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के वक्त हिन्दू वोटों का ध्रुवीकरण करने के लिये तीन बार तलाक के मुद्दे को हवा दे रही है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार विधि आयोग को आगे करके तीन तलाक एवं बहूविवाह की आड में मुसलमानों पर ‘कॉमन सिविल कोड’ थोपने की साजिश कर रही है, जो संविधान में दिए गए मूल अधिकारों के विरूद्ध है।

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उन्होंने कहा कि देश की मुस्लिम महिलाएं मुस्लिम पर्सनल लॉ में किसी भी तरह का दखल स्वीकार नहीं करेगी और अगर सरकार ने इस दखलंदाजी पर रोक नहीं लगाई तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाएं हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार है।

वहीँ मेहरूनिसा खान ने कहा कि भाजपा सरकार नीति निदेशक तत्व की आड में ‘कॉमन सिविल कोड’ की बात तो करती है, जबकि सरकार का ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और शराबबंदी की ओर नहीं है। महासचिव फरीदा सय्यद ने कहा कि इस आंदोलन में न सिर्फ मुस्लिम औरतें है बल्कि इसे अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाएं भी समर्थन कर रही है।

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