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सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर कहा कि  सरकार रचनात्मकता के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में है और इसे प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध भी हैं. इस परयदि कोई प्रतिबंध लगाया जाता है कि तो वह संविधान सम्मत होगा.

उन्होंने कहा कि सरकार रचनात्मकता के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में है और हम मानते हैं कि इसे प्रोत्साहन देने की जरूरत है क्योंकि हमारे लिए सॉफ्ट पावर है. यद्यपि इस पर कोई प्रतिबंध लगाया जाता है कि तो वह संविधान के अनुसार ही होगा. उन्होंने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि जल्द ही एक ऐसा वातावरण बनेगा जहां रचनात्मक और समकालीन कला को बढ़ावा मिल सके.

बुधवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) बिग पिक्चर सम्मेलन को संबोधित करते हुए राठौर ने कहा, सिनेमेटोग्राफ अधिनियम,1952 में महत्वपूर्ण बदलाव लाने के लिए मुद्गल समिति और श्याम बेनेगल समिति बनाई गई है. मंत्रालय के पास दोनों समितियों की रिपोर्ट आ गई है. मुद्गल समिति की सिफारिशों पर अन्य मंत्रालयों ने भी अपनी सहमति जताई है.

इसके अलावा उन्होंने ऑनलाइन मीडिया सीमा लांघने पर चिंता व्यक्त करते हुएकहा कि इस मुद्दे पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा.


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