सूरत | एक जुलाई से पुरे देश में जीएसटी लागु कर दिया गया है. जहाँ इसको लेकर कुछ क्षेत्रो ने उत्साह दिखाया है तो वही कुछ ऐसे क्षेत्र है जो जीएसटी की कर दरो से संतुष्ट नही है. यही कारण है की देश के कई इलाको में कपडा व्यापारी हड़ताल पर चला गया है. सबसे गंभीर स्थिति गुजरात में नजर आ रही है. यहाँ का कपडा व्यापारी पिछले 8 दिनों से हड़ताल पर है. उनका कहना है की जीएसटी की वजह से उनके कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.

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इस हड़ताल की वजह से रोजाना करीब 150 करोड़ रूपए का नुक्सान हो रहा है. लेकिन व्यापारियों की मांग है की जब तक कपडे के ऊपर से टैक्स नही हटाया जाएगा वो हड़ताल वापिस नही लेंगे. शनिवार को इस हड़ताल ने तब वीभत्स रूप ले लिया जब पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया. दरअसल शनिवार को सूरत में हजारो कपडा व्यापारी अपना विरोध दर्ज करने के लिए सड़क पर उतर गए.

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इस दौरान व्यापारियों ने शहर के टेक्सटाइल मार्किट से लेकर रिंग रोड तक मार्च निकाला. तभी पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज करने का आदेश दे दिया. पुलिस के बल प्रयोग का नतीजा यह हुआ की पुरे बाजार में अफरा तफरी मच गयी. हालाँकि सूरत के पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने कहा की चूँकि हालात बेकाबू हो गए थे इसलिए मज़बूरी में हमें लाठीचार्ज करना पड़ा.

लेकिन व्यापारियों का कहना है की हम शांति से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन पुलिस ने फिर भी हम पर लाठीचार्ज किया. बताते चले की सरकार ने कपड़ो पर 5 फीसदी जीएसटी लगाया है. व्यापारियों का कहना है की चूँकि गारमेंट के कारोबार में कई चरण होते है इसलिए केवल 5 फीसदी टैक्स के बावजूद हमारी कई गुना परेशानी बढ़ गयी है. बताते चले की देश में होने वाले सीथेंटीक्स कपडे के उत्पादन का 60 फीसदी उत्पादन अकेले सूरत में होता है.

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