अलीगढ | देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में से एक अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नए सेशन से कुछ बड़े होने जा रहे है. यूनिवर्सिटी की एक समिति ने आने वाले सेशन में काम के घंटे बढाने का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा उन्होंने जुमे के दिन नमाज पढने के लिए दी जानी वाली आधे दिन की छुट्टी को भी समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है. यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर ने इन प्रस्तावों पर मुहर लगाने के संकेत दिए है.

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दरअसल पिछले एक पखवाड़े से यूनिवर्सिटी में कुछ सुधार लागु होना लंबित थे. इसके लिए जो समिति बनी थी उसने कुछ सुझावों के साथ अपनी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौप दी. समिति ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया की आने वाले सेशन से यूनिवर्सिटी को हफ्ते में पांच दिन खोला जाए और विधार्थियों के साथ साथ शिक्षको को भी शनिवार की छुट्टी दी जाए.

इसके अलावा जुमे के दिन दी जाने वाली आधी छुट्टी को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है. समिति का सुझाव है की आधी छुट्टी की जगह केवल एक या डेढ़ घंटे की छुट्टी दी जाये. समिति की रिपोर्ट पर यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर तारिक मंसूर ने कहा की देश की सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी हफ्ते में 5 दिन खुलती है. इसलिए हमने यहाँ भी इसे लागु करने का फैसला किया है.

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मंसूर ने आगे बताया की हफ्ते में शनिवार की अतिरिक्त छुट्टी होने से जो काम और पढ़ाई का नुक्सान होगा उसकी भरपाई बाकी पांच दिन काम के घंटे बढ़ाकर की जाएगी. आगे से यूनिवर्सिटी ने 8 से 5.15 बजे तक काम होगा. समिति के सुझावों से यूनिवर्सिटी के शिक्षको और विधार्थियों में उत्साह है. शिक्षको का मानना है की इससे हम अपने परिवार को और समय दे पाएंगे और विधार्थी भी इस अतिरिक्त दिन में कुछ अन्य शैक्षिक काम भी कर पाएंगे.

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