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आगरा | पिछले दो दिन में देश में बहुत कुछ बदल गया. बड़े नोट लेकर घूमने और शौपिंग के लिए जाना एक टशन माना जाता था. बड़े लोग छोटी चीज भी खरीदते तो बड़ा नोट दुकानदार को थमाते. अचानक से मोदी सरकार ने एक घोषणा ने की और सभी बड़े नोट कागज की रद्दी बनकर रहे गए. लेकिन ऐसा नही है की इससे केवल बड़े लोगो को ही परेशानी झेलनी पड़ रही है, मजदूर, गरीब, आम आदमी , पूरा हिंदुस्तान इससे परेशांन है.

लेकिन अभी भी एक तबका ऐसा है जिसकी हम बात ही नही कर रहे है. वो विदेशी सैलानी. हमारे देश में हर साल लाखो सैलानी इन दिनों भारत घूमने आते है. ये लोग अपने साथ बड़े नोट रखना ज्यादा पसंद करते है क्योकि इससे इन्हें ज्यादा सहूलियत होती है. छोटे नोट ज्यादा मात्रा में आते है इसलिए उन्हें साथ रखके घूमना चोरो को दावत देने जैसा होता है.

आगरा के ताजमहल का दीदार करने लाखो विदेशी सैलानी आते है. इस समय आगरा में हजारो सैलानी घूम रहे है लेकिन उनको ताजमहल का दीदार नही हो पा रहा है. ऐसा ही हाल बनारस और इलाहाबाद का भी है. आगरा में ताजमहल देखने आये कुछ कोरियाई और जापानी सैलानी बड़े नोट साथ में होने की वजह से काफी मुसीबत झेल रहे है.

इन्ही में से एक सैलानी सुईन वॉन ने बताया की आज सुबह जैसे ही वो ताजमहल देखने के लिए टिकेट खिड़की पर टिकेट लेने पहुंचे, उन्होंने हमें टिकेट देने से मना कर दिया. उनका कहना था की 500 और 1000 के नोट चलने अब बंद हो गए है. जब हमने उनसे थोड़ी बहस की तो उन्होंने कहा की हम इसमें कुछ नही कर सकते. इस बात को लेकर हम पास ही खड़े पुलिसकर्मी के पास भी पहुंचे लेकिन उन्होंने भी मदद करने से मना कर दिया.

ऐसा ही हाल रहा एक जापानी पर्यटक का. उन्होंने मीडिया को बताया की उन्होंने अपने होटल का बिल तो कार्ड से चूका दिया लेकिन कुछ शौपिंग करने और पर्यटन स्थल देखने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. विदेशी पर्यटकों को हो रही इस मुसीबत का फायदा, उनके गाइड और ऑपरेटर बखूबी उठा रहे है. वो उनसे बड़े नोट लेकर खुले पैसे दे रहे है लेकिन इस बीच वो कुछ हिस्सा अपना रख लेते है, जैसे 1000 के बदले 800 रूपए दे देना.


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