“केंद्रीय जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई के लिए देश भर के छात्र संगठन लामबंद हो गए हैं। आज वामपंथी दलों के छात्र संगठनों के अलावा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई), जदयू, आरजेडी और स्टूडेंट्स फ्रंट फॉर स्वराज जैसे छात्र संगठन एक मंच पर आए। इनके नेताओं ने ऐलान किया कि कन्हैया को बिना शर्त रिहा किया जाए अन्यथा सरकार देशव्यापी छात्र आंदोलन के लिए तैयार रहे। ”

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नारे लगाने वाली घटना प्रायोजित: जेएनयू में लगे राष्ट्रविरोधी नारों की ये निंदा करते हैं लेकिन सरकार उनकी पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करे। एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव विश्वजीत ने कहा कि जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारों वाली घटना पूरी तरह से प्रायोजित है। जिन्होंने भी यह नारे लगाए वह उनकी निंदा करते हैं। विश्वजीत का कहना है कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि सरकार नारे लगाने वालों की पहचान करके आखिर उन्हें सजा क्यों नहीं दे रही है।

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कन्हैया के खिलाफ सुबूत दे सरकार: एसएफआई के सचिव विक्रम सिंह ने कहा कि अगर कन्हैया दोषी हैं तो सरकार उनके खिलाफ सुबूत दे। जहां तक उमन खालिद का सवाल है तो सरकार सुबूत के साथ साबित करे कि उमर खालिद जेएनयू घटना की जड़ हैं। उन्होंने इस सारे मामले की न्यायायिक जांच की मांग की। (outlookhindi)


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