बाबरी मस्जिद और राम मंदिर को लेकर चर्चा में रहने वाली अयोध्‍या में शर्मनाक वाक्या पेश आया है. अयोध्या स्थित एक मंदिर के पांच साधुओं पर माँ-बेटी के साथ साल भर तक सामूहिक बलात्कार का आरोप लगा है. स्थानीय अदालत ने इस मामले में पांचो आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है.

पीड़िता के अनुसार, सुदामा दास, संजय दास, रामकुमार दास, गुलशन दास और रघुवर नाम के साधुओं ने साल भर तक उसके साथ मंदिर में ही बलात्कार किया. जब उसने विरोध किया तो उसकी बेटी के साथ भी बलात्कार किया गया. और उसे धमकी दी गई कि यदि किसी को बताया तो बेटी को मारकर उसकी लाश सरयू में फेंक देंगे.

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पीड़िता का कहना है कि इस ध्शर्मनाक घटना में मंदिर की एक दासी ने इन साधुओं की मदद की. दासी ने ही उसे और उसकी बेटी को कमरे में बंद किया था. फिर बाद में आकर साधुओं ने उन दोनों के साथ बलात्कार किया. इस मामलें में पुलिस ने भी दोनों माँ-बेटी की शिकायत दर्ज नहीं की.

आखिर में पीड़िताओं ने फैजाबाद कोर्ट में शिकायत की. जिसके आधार पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजेश पराशर ने शनिवार को अयोध्या पुलिस को पांचों साधुओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई का आदेश जारी किया है.

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