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नई दिल्ली | मोदी सरकार के 500 और 1000 के नोट बंद करने के बाद पुरे देश में इसके फायदे और नुक्सान को लेकर खूब बहस चल रही है. कुछ लोग नोटबंदी को देश के लिए फायदेमंद बता रहे है तो वही कुछ इसके गंभीर नुक्सान भी बता रहे है. इसी बीच खबर मिली है की बैंकों ने फिक्स्ड डिपाजिट की ब्याज दर में कटौती कर दी है. नोटबंदी के बाद , यह लोगो के लिए दूसरा सबसे बड़ा झटका है.

देश के दो सबसे बड़े निजी बैंक, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक ने बढे हुए डिपाजिट अमाउंट को देखते हुए फिक्स्ड डिपाजिट की ब्याज दर में कमी करने का फैसला किया. कम की गयी ब्याज दरे कल से प्रभावी हो जाएँगी. नोटबंदी के बाद माना जा रहा था की लोगो को कुछ रियायते मिल सकती है लेकिन ऐसा नही हुआ. हालांकि जानकार मान रहे है की नोटबंदी के बाद सस्ते कर्ज का रास्ता साफ़ हो सकता है.

आईसीआईसीआई बैंक ने फिक्स्ड डिपाजिट की दरो में 0.15 फीसदी की कमी की है. अब 390 से 2 तक की सभी फिक्स्ड डिपाजिट स्कीम पर 7.10 फीसदी ब्याज मिलेगा. पहले यह दर 7.25 फीसदी थी. दुसरे निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक ने FD की ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कमी है. एचडीएफसी में अब फिक्स्ड डिपाजिट पर 6.75 फीसदी ब्याज दर मिलेगा.

जानकार इसके पीछे नोटबंदी को कारण मान रहे है. जानकारों के मुताबिक, चूँकि सभी बैंकों के पास अब भरपूर मात्रा में नकदी जमा हो चुकी है इसलिए बैंकों को अब नकद राशी की उतनी जरुरत नही है. इसी को देखत हुए दोनों निजी बैंकों ने फिक्स्ड डिपाजिट की ब्याज दरो में कमी की है. गौरतलब है की नोटबंदी से लेकर अब तक सभी बैंकों में करीब 4 लाख करोड़ रूपए जमा हो चुके है.


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