मुंबई | 30 जून की आधी रात को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी ने घंटा बजाकर देश में एक नए आर्थिक युग की शुरुआत की. आज से पुरे देश में नया कर ढांचा जीएसटी लागू हो गया. एक देश एक कर के प्रावधान के साथ करीब 17 तरह के अप्रत्याशित कर दरो और 23 प्रकार के सेस को खत्म कर जीएसटी लागू किया गया. इसे आजाद भारत के सबसे बड़े कर सुधार के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है.

पुरे देश में फ़िलहाल जीएसटी को लेकर जिज्ञाषा है, वो जानना चाहते है की नई कर योजना से उनके घर का बजट बिगड़ेगा या बेहतर होगा. हालाँकि कुछ जानकार कह रहे है की जीएसटी लागु होने के बाद देश को महंगाई से जूझना पड़ेगा तो कुछ इस बात को नकार रहे है. बताते चले की जीएसटी में चार तरह की कर दरो का निर्धारण किया गया है. 5,12,18 और 28 फीसदी. फ़िलहाल 1211 ऐसी वस्तुयें है जिनको 18 फीसदी के टैक्स स्लैब में रखा गया है.

हालाँकि बहुत सारी ऐसी रोजमर्रा की ऐसे वस्तुयें भी है जिन पर कोई टैक्स नही लगाया गया है. लोगो की जिज्ञाषा को ध्यान में रखते हुए भारत की सबसे बड़ी रिटेलर चैन में से एक बिग बाजार ने शुक्रवार आधी रात को अपने स्टोर खोल दिए. इसमें ग्राहकों को 2 फीसदी से लेकर 22 फीसदी तक की छूट प्रदान की गयी. सामान पर भारी छूट का फायदा लेने के लिए आधी रात को बिग बाजार के बाहर लोगो की भारी भीड़ भी देखी गयी.

इसलिए देश का पहला जीएसटी बिल काटने का भी श्रेय बिग बाजार को चला गया. बिग बाजार के सीईओ किशोर बियानी ने अपने ट्विटर अकाउंट से देश के पहले जीएसटी बिल की तस्वीर जारी करते हुए लिखा की मुझे इस बिल को जारी करते हुए गर्व हो रहा है. इस बिल में केंद्र और राज्य के करो को अलग अलग करके दिखाया गया था. यह बिल मुंबई के बिग बाजार स्टोर से जारी किया गया.


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