नई दिल्ली। शुक्रवार को राज्यसभा में रोहिला वेमुला आत्महत्या मामले में बीएसपी सुप्रीमों मायावती और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच बड़ी तीखी नोंक-झोंक हुई। इस बीच केंद्र सरकार ये साफ कर दिया कि जो न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं वह निष्पक्ष जांच में सक्षम हैं। वहीं बीएसपी सुप्रीमो की मांग थी कि वेमुला की आत्महत्या के लिए गठित न्यायिक आयोग में दलित सदस्य को रखा जाए।

इस बीच असंतुष्ट दिखी माया

वहीं केंद्र के अड़ियल रवैये पर मायावती ने कहा कि क्या ईरानी अपने वादे अनुसार अपना सिर कलम कर उनके चरणों में रखेगी। बता दें कि बुधवार को चर्चा के दौरान ईरानी ने कहा था कि यदि उनके जवाब से बीएसपी संतुष्ट नहीं हो तो वह अपना सिर कलम कर उनके चरणों में रख देंगी। इस पर स्मृति ईरानी ने कहा कि सेवानिवृत न्यायाधीश को न्यायिक आयोग में शामिल किया गया है। वह न्याय करने में पूरी तरह सक्षम है। खुद मायावती ने यूपी की मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हें एक आयोग की अध्यक्षता सौंपी थी।

वेमुला की छात्रवृत्ति नहीं रोकी गई

मानव संसाधन विकास मंत्री ने विपक्ष के इस आरोप को भी खारिज किया कि रोहित वेमुला की छात्रवृत्ति रोकी गई थी। रोहित को कुल 3 लाख 19 हजार की राशि दी गयी और उन्हें नवंबर में भी 54000 रुपये जारी हुए थे। स्मृति ने कहा कि वेमुला को लेकर जो भी मामले विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाए गए थे उनकी जांच के लिए बनायी गई समिति या बोर्ड में दलित समुदाय का सदस्य शामिल था। इस पर मायावती ने कहा कि उन्हें पहले से ही पता था कि सरकार ने एक उच्च जाति के न्यायाधीश को आयोग में शामिल किया है। इससे सरकार की दलित विरोधी मानसिकता का पता चलता है। वह रोहित को न्याय नहीं देना चाहती। आयोग जिस अधिनियम के तहत गठित किया गया है उसमें अधिसूचना से पहले संसद या विधानसभा से प्रस्ताव पारित होना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और अधिसूचना जारी कर दी गई। बसपा नेता ने कहा कि यह जानबूझ कर किया गया , जिससे कि आयोग की रिपोर्ट का कोई महत्व न रहे।

बीएसपी सुप्रीमो ने कहा, स्मृति को माफ नहीं करूंगी

स्मृति ईरानी को कठघरे में खड़ा करते हुए मायावती ने कहा कि लाॠबी में इस मुद्दे पर बातचीत के दौरान स्मृति ने उनसे माफी मांगी। इस मामले में तो मैंने उन्हें माफ कर दिया, लेकिन भविष्य में मैं उन्हें इस तरह की बातों पर माफ नहीं करूंगी। इस पर इरानी ने पलटवार किया कि उन्होंने कोई माफी नहीं मांगी। बल्कि मायावती ने उनसे लाॠबी में कहा कि यदि वे उन्हें इस मुद्दे पर लोकसभा में दिए गए अपने बयान के बारे में पहले बता देती तो वह राज्यसभा में उनके नाम के मुर्दाबाद के नारे नहीं लगवाती।

जेटली ने किया स्मृति का बचाव

सीताराम येचुरी ने स्मृति ईरानी द्वारा गुरुवार को अपने जवाब में रोहित वेमुला के फेसबुक पोस्ट और अन्य पर्चों का हवाला दिए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि किसी फेसबुक पोस्ट को कैसे प्रमाणित किया जा सकता है। इस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जेएनयू के संबंध में स्मृति ईरानी ने जो पढ़ा है, उसे विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने प्रमाणित किया है। हालांकि, उपसभापति पीजे कुरियन ने येचुरी को आश्वासन दिया कि वह इस बारे में रिकार्ड को देखेंगे और आपत्तिजनक होने पर उसे निकाल देंगे। (indiavoice)


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