नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) में डीएसपी तंजील अहमद के बच्चे शहबाज और जिमनीश ने बताया कि हमलावरों ने उनके पापा पर तब तक गोलियां चलाते रहे जब तक उनकी मौत नहीं हो गई.

‘पापा को तब तक गोली मारते रहे जब तक उनकी मौत नहीं हो गई’

आज एनआईए और यूपी एटीएस की टीम ने शहीद तंजील के परिजनों से पूछताछ की. इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शहबाज और जिमनीश ने बताया कि, ‘हमलावरों ने पीछे से कार पर गोलियां चलाई, जिसके बाद पापा ने हमें सीट के नीचे छिपने को कहा. बदमाशों ने इसके बाद ताबड़तोड़ गोलियां चलाई. गोली ख़त्म होने के बाद उन्होंने रीलोड करके फिर से गोली चलानी शुरू कर दी. वे तब तक गोलियां चलाते रहे जब तक पापा ख़त्म नहीं हो गए.’

जिमनीश ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि सूचना देने पर भी कोई रेस्पोंसे नहीं मिला. उनकी घायल मां को भी चाचा पीछे से आये और फिर लेकर हॉस्पिटल गए.

गौरतलब है कि डीएसपी तंजील शनिवार रात 12.45 बजे पत्नी फरजाना और दो बच्चों के साथ घर लौट रहे थे अपने भांजी के शादी से वापस लौट रहे थे तभी स्योहारा थाना इलाके में एक पुलिया पर बाइक से आए हमलावरों ने उनकी कार पर फायरिंग की. इस दौरान तंजील को 24 गोली मारी गई. बताया जा रहा है कि पुलिया अंडरकंस्ट्रक्शन थी, जिसके कारण वहां कार धीमी थी.

मुख्यमंत्री ने किया 20 लाख मुआवजे का ऐलान 

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंजील अहमद हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी जावीद अहमद को निर्देश देते हुए कहा कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए और केंद्रीय एजेंसी को यूपी पुलिस पूरी मदद करे.

इस बीच मुख्यमंत्री ने तंजील के परिवार को 20 लाख मुआवजे का भी ऐलान किया है. (hindi.pradesh18.com)


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