नई दिल्ली | दिल्ली के जंतर मंतर पर आज हजारो किसानो ने सरकार से अपना हक़ मांगते हुए प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में देश भर के करीब 150 किसान संगठनो और राजनितिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान उन किसानो के परिवार भी मंच पर नजर आये जिन्होंने कर्ज के बोझ से दबकर अपनी जान दे दी. इसके अलावा एक अन्य विरोध प्रदर्शन में पीएम मोदी के भाई प्रहलाद मोदी भी नजर आये.

मध्य प्रदेश के मंदसौर से चली किसान मुक्ति यात्रा , अपने अंतिम पड़ाव में मंगलवार को दिल्ली के जंतर मंतर पहुंची. 13 दिनों के पड़ाव के दौरान यह यात्रा करीब छह राज्यों से होकर गुजरी. अपने हक़ की आवाज सरकार तक पहुँचाने के लिए किसान सुबह दस बजे से ही जंतर मंतर पर जुटने शुरू हो गये. 12 बजे तक यहाँ करीब दो हजार किसान जमा हो चुके थे.

किसानो की इस प्रदर्शन में कई राजनितिक दलों के नेताओ ने भी हिस्सा लिया. इनमे स्वराज अभियान से योगेन्द्र यादव और आम आदमी पार्टी के सांसद धर्मवीर गाँधी शामिल थे. इनके अलावा सीपीएम के सीताराम येचुरी, मोहम्मद सलीम, तपन कुमार सेन, जेडीयू के शरद यादव, अली अनवर, शिवसेना के अरविंद सावंत और कांग्रेस के बीआर पाटिल शामिल हुए. इस दौरान मंच पर आत्महत्या कर चुके किसानो के बच्चे भी मंच पर दिखाई दिए.

इन बच्चो ने अपनी आप बीती सबको बतायी जिसकी वजह से यहाँ का माहौल काफी भावुक भी हो गया. मंच से सभी संगठनो उअर नेता ने सरकार के सामने दो मांगे रखी. एक फसलो का पूरा और सही दाम और दूसरी पूर्ण कर्ज माफ़ी. मंच से सीतराम येचुरी ने कहा की जब संघर्ष से आपका और संसद में हम सब का साथ होगा तो एक जोरदार आवाज निकलेगी फ़िर यह बाहरी सरकार जगेगी.

उधर जंतर मंतर पर एक और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. यहाँ फेयर प्राइस डीलर एसोसिएशन ने एक विशाल धरने का आयोजन किया था जिसमें देश से करीब साढ़े चार लाख डीलर्स ने हिस्सा लिया. हैरान कर देने वाली बात यह थी की इस धरने में पीएम मोदी के भाई प्रहलाद मोदी ने भी हिस्सा लिया. इस धरने में भी कई राजनितिक दलों ने नेताओं और सांसदों ने हिस्सा लिया.


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