आखिरकार सियाचिन से वो बुरी खबर आ ही गई। ऑपरेशन बंद हो चुका है। 9 जवानों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन इन सबके बीच लांस नायक हनमनथप्पा का जिंदा रह जाना मेडिकल साइंस के लिए भी एक चमत्कार है। हनमनथप्पा अभी कोमा में हैं। उनके शरीर के कुछ अंग ठीक से काम नहीं कर रहे। लेकिन सांसें चल रही हैं और पूरा देश यही कामना कर रहा है कि लांस नायक अपने पैरों पर खड़ा हो जाए।

 Experts Said Hanamanthappa Survived Because He Was Trapped In An Air Bubble

नवभारत टाइम्स ने इस संबंध में जुपिटर हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ विजय से बात की। डॉ. विजय ने कहा कि जिस विपरीत परिस्थितियों में लांस नायक ने खुद को जिंदा रखा, उसका जवाब मेडिकल साइंस के पास नहीं है। शायद इसे ही चमत्कार कहा जाना चाहिए। उनका कहना है कि कहानियों और शास्त्रों में ही सुना था कि योगी खुद को ऐसी परिस्थिति में बचाते हैं, सच में पहली बार देखा।

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पहले उन परस्थितियों को जानिए जिसमें फंसे थे लांस नायक

डॉक्टर विजय से बातचीत के मुताबिक लांस नायक के खुद के बचाव से पहले उन परिस्थितियों को जानिए जिसमें वे 6 दिनों तक फंसे रहे…

3 फरवरी को जब हिमस्खलन हुआ तो बर्फ की एक मोटी दीवार जवानों के ऊपर गिर गई।

लांस नायक हनमनथप्पा करीब 25 फीट की गहराई में धंस गए। उनके ऊपर बर्फ ही बर्फ।

उस समय से लेकर बचाव होने तक यानी 6 दिनों तक लांस नायक बर्फ में धंसे रहे। तापमान था -40 डिग्री सेल्सियस के आसपास

4 फरवरी को आर्मी ने भी कह दिया कि अब किसी के बचने की संभावना ही नहीं है।

लांस नायक की जगह हम-आप होते तो 2 घंटे में तोड़ देते दम

लांस नायक हनमनथप्पा ने जो किया वो अद्भुत है, लेकिन सोचिए जरा कि ऐसी स्थिति में हम-आप होते तो क्या होता। डॉक्टर विजय के मुताबिक 2 से 3 घंटे लगते और हमारा दम निकल जाता।

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बर्फ के अंदर दबे रहने की वजह से ऑक्सिजन नहीं मिलती।

– खून में ऑक्सिजन की कमी होती तो हम बेहोश होने लगते।

– ऑक्सिजन के लिए दिल तेजी से काम करने लगता और धड़कन रुकने का खतरा खड़ा हो जाता।

– अत्यधिक ठंड थ्रांबोसिस का भी कारण बनती। खून का थक्का जमने लगता। गैंगरीन भी होता। हाथ पैर काले पड़ जाते, शरीर गलने लगता।

– हमारा शरीर कोमा में चला जाता और बस 2 से 3 घंटे के भीतर हम मर जाते।

लांस नायक के साथ क्या हुआ होगा

जब तक लांस नायक खुद से खुद नहीं बताते हम एक्सपर्ट के बताने के आधार पर आकलन ही कर सकते हैं। एक सूचना यह भी मिल रही है कि हनमनथप्पा इसलिए बचे कि बर्फ के अंदर एयर बबल बन गया होगा।

हमारे एक्सपर्ट डॉक्टर विजय का कहना है कि ऐसा संभव है। हम आपको एक्सपर्ट से बातचीत के आधार पर एक खाका दिखा रहे हैं, शायदल हनमनथप्पा ऐसे बचे हों…

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अचानक बर्फ की दीवार गिरी होगी, तो हनमनथप्पा के चारों तरफ की हवा को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला होगा।

इसी हवा ने हनमनथप्पा के चारों चरफ एक एयर बबल बनाया होगा।

ठंड की वजह से लांस नायक बेहोश हो गए होंगे। वे कार्डियोप्लेजिया की कंडीशन में चले गए होंगे। यानी शरीर के अंगों ने न्यूनतम काम करना शुरू कर दिया होगा।

शरीर न्यूनतम ऑक्सिजन का इस्तेमाल करने लगा होगा। शरीर की मांग लगभग जीरो पर पहुंच गई होगी।

और इस तरह हनमनथप्पा के शरीर ने खुद को 6 दिनों तक जीवित रखा होगा।

लेकिन अंत में डॉक्टर विजय भी कहते हैं कि इतना सबकुछ भी वैसी परिस्थिति में आपको अधिकतम एक से 2 दिन तक जिंदा रख सकता है। आगे जो हुआ वो तो चमत्कार ही है।


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