नई दिल्ली। जवाहरलाल यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारे लगने के बाद देश में देशभक्ति और देशद्रोह को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में बीते गुरूवार को सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर्स की मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में यह फैसला लिया गया था कि छात्रों के मन में राष्ट्रवाद की भावनाओं को मजबूत करने के लिए सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में तिरंगा फहराया जाएगा। केंद्र सरकार के अंतर्गत 46 यूनिवर्सिटीज आती हैं जिनमें तिरंगा फहराया जाएगा।

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फैसला तो ले लिया गया लेकिन बात की जाए तिरंगा फहराए जाने के खर्च की तो वो हैरान करने वाला है। कांग्रेस नेता नवीन जिंदल की संस्था फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सीईओ सेवानिवृत्‍त कमांडर केवी सिंह ने का कहना है कि 200 फुट ऊंचा तिरंगा लगाने का खर्च 40 से 45 लाख रुपए होगा। इस तरह, 46 सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में इनकी कुल लागत 20 करोड़ 70 लाख रुपए आएगी। इसके अलावा, इसके रखरखाव पर हर महीने करीब 65 हजार रुपए खर्च करने होंगे।

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सिंह ने कहा कि हमने देश में करीब 200 राष्ट्रीय ध्वज लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झंडे लगाने के लिए पुणे की दो कंपनी से खासतौर पर डिजाइन किए गए हाई टेंसिल स्टील पोल मंगाते हैं, जो बड़े झंडे को संभाल सके। उन्होंने बताया कि मुंबई से हम खास पॉलिस्टर का झंडा मंगाते हैं।

बताया यह भी जा रहा है कि 2014 में दिल्ली के सेंट्रल पार्क में लगाए गए 207 फुट ऊंचे तिरंगे से ही प्रेरित होकर ईरानी के मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में लगाए गए इस झंडे की कीमत करीब 40 लाख रुपए आई थी। (indiavoice)

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