जवाहर लाल विश्वविद्यालय (जेएनयू) में राजद्रोह के आरोप का सामना कर रहे उमर खालिद, अनंत प्रकाश अनिर्बन भट्टाचार्य, रामा नागा और आशुतोष कुमार रविवार की रात से ही जेएनयू परिसर में हैं.

जेएनयू विवाद:

इन छात्रों का कहना है कि वे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करे. इसके जवाब में दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा है कि देशद्रोह का आरोप झेल रहे जेएनयू छात्रों को अगर लगता है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया तो उन्हें सबूत देने होंगे.

राजद्रोह का आरोप झेल रहे सेंटर फॉर द स्टडी आफ लॉ एंड गर्वनेंस में पीएचडी कर रहे और जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अनंत प्रकाश ने कैच से विशेष बातचीत में कहा, ‘हम देशविरोधी नारों का समर्थन नहीं करते हैं. जिस भारत को बनाने के लिए हम लड़ते रहते हैं. जिस भारत को बनाने के लिए हमने अपना करियर दांव पर लगाया है उसे मैं कैसे बर्बाद कर सकता हूं. मैं भी अपने दोस्तों की तरह तमाम प्रशासनिक, बहुराष्ट्रीय कंपनियों की सेवा में जा सकता था लेकिन मुझे भारत के लिए कुछ अलग करना था.’

अनंत ने कहा, ‘हमारे साथ जो भी होगा उसका सामना करने के लिए हम तैयार हैं. हमें पहले दिन से ही पुलिस की कार्रवाई या कानूनी कार्रवाई से कोई दिक्कत नहीं थी. लेकिन कुछ चैनलों द्वारा जो माहौल बनाया जा रहा था उसकी वजह से हमें अपनी जान को खतरा महसूस होने लगा था. इसके कारण हम भूमिगत हुए थे.’

अनंत के अनुसार वे लोग पहले सामने नहीं आ सकते थे. उन्होंने बताया, ‘यहां एक अादमी (कन्हैया कुमार) की सुरक्षा दिल्ली पुलिस नहीं कर पा रही है, उसे सरेआम अदालत में वकील ही पीट रहे हैं. अगर हम सभी लोग पहले आ गए होते तो हममें से किसी न किसी को मारा भी जा सकता था.’

आगे की योजना पर अनंत ने कहा, ‘हमलोग जेएनयू में ही रहेंगे. अभी तक हमें कोई समन नहीं मिला है. पुलिस अगर हमें गिरफ्तार करना चाहती है तो आकर करें, हम इसका विरोध भी नहीं करेंगे. हमारी वीसी से कोई बातचीत नहीं हो रही है.’ (catchnews)


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