दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने ईवीएम में छेड़छाड़ का 90 सेकन्ड का डेमो दिया. जिसमे उन्होंने ईवीएम में छेड़छाड़ को साबित करने का दावा किया.

उन्होंने डेमो देकर दावा किया कि सीक्रेट कोड के जरिए ईवीएम मेंभी छेड़छाड़ संभव है. उन्होंने कहा कि जिसे भी ईवीएम का गुप्त कोड पता हो वह उसमें छेड़छाड़ कर सकता है और मतदान के दौरान ईवीएम में कोड डाला जा सकता है.

विधानसभा में किए मॉक टेस्ट में मिसाल देते उन्होंने दिखाया कि पाँच पार्टियों को दो-दो वोट दिए गए और सब सही है. उन्होंने कहा, “वोट से पहले पोलिंग एजेंट को मॉक टेस्ट करके दिखाया जाता है कि वोटिंग मशीनें सही तरीके से काम करती है लेकिन असली में जब आठ बजे वोटिंग होती है तो खेल कुछ और ही होता है. “

“मान लीजिए जब असल वोटिंग हुई तो तो पाँचों पार्टियों को दो-दो वोट मिले. लेकिन असलियत ये है कि जिस पार्टी के पास उस मशीन का सीक्रेट कोड होता है वो अपनी पार्टी को जिता सकता है. जैसे-जैसे वोटिंग होती रहती है तो एक पार्टी के कार्यकर्ता वोटर बनकर आते हैं. जैसे जैसे उस पार्टी के लोग कोड डालते रहते हैं, वो पार्टी जीत की ओर बढ़ती रहती है. पोलिंग के बाद भले ही स्ट्रांग रूम के बाहर कितना भी पहरा दिया जाए, असल छेड़छाड़ तो वोटिंग के दौरान ही हो चुकी है.”

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सिर्फ़ मदरबोर्ड को बदलने भर से मशीनों में छेड़छाड़ की जा सकती है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “मैं चैलेंज करता हूँ कि हमें गुजरात चुनाव से पहले सिर्फ़ तीन घंटे के लिए ईवीएम मशीनें दे दें, उनको वोट नहीं मिलेगा. कुछ लोग शायद विदेशी ताकतों के हाथों में खेल रहे हैं.”

तकनीक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “कोई मशीन ऐसी नहीं है जिसे हैक न किया जा सके. यही कारण है कि जिन देशों से हमने इस तकनीक को लिया है वो देश इस तकनीक का इस्तेमाल नहीं करते. जबकि वो देश तकनीक में बहुत आगे है. जो तकनीक हमने इजाद ही नहीं की फिर भी हम इसकी गारंटी ले रहे हैं.


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