गर्मी के मौसम में आने वाली पेयजल की समस्या का दौर अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुआ है कि अभी से देश के विभिन्न इलाकों में पानी की किल्लत सामने आने लगी है। महाराष्ट्र में पानी की किल्लत को लेकर मचे हाहाकार के बीच सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सूखे की समस्या पर ध्यान नहीं देने के लिए केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई।

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सुखे की समस्या के राहत के लिए की जा रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सूखे के मसले को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नहीं है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद की गैर मौजूदगी पर भी कड़ी टिप्पणी की।

कोर्ट ने कहा कि सुनवाई करते वक्त कहा कि आपको क्या लगता है जजों के पास कोई और काम नहीं रह गया है। आप सोचते हैं कि हम यहां बेकार बैठे हैं।’ गौरतलब है कि इससे पहले कल बुधवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने सूखाग्रस्त इलाकों में राहत प्रदान करने की कवायद में अपने पैर पीछे खींचने के लिए भी केंद्र को लताड़ पिलाई थी। (firstindianews.com)

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