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नई दिल्ली | पुरे देश में नोट बंदी के बाद , बैंकों के सामने लगी लम्बी लम्बी लाइनों को कम करने के लिए केद्र सरकार ने कई कदम उठाये. इनमे सबसे अहम् था, नोट बदलने वाले शख्स की ऊँगली पर स्याही लगाना. केंद्र सरकार का मानना था की कुछ लोग नोट बदलवाने के लिए बार बार लाइन में लग रहे थे जिसकी वजह से बैंकों के सामने लगी कतारे छोटी होने का नाम नही ले रही थी.

केंद्र सरकार का यह फैसला बुधवार से लागु हो गया था. हालांकि सरकार के इस फैसले के बाद , कतारों पर कितना असर पड़ा, यह कहना तो मुश्किल है लेकिन इससे चुनाव आयोग की भोंहे जरुर तन गयी. चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर कड़ा एतराज जताया है. चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर कहा की वो यह सुनश्चित करे की , इस फैसले से आने वाले चुनाव में वोटर्स को कोई दिक्कत नही होगी.

दरअसल शनिवार को देश के पांच राज्यों में उपचुनाव है. चुनाव आयोग को डर है की अगर वोटर की ऊँगली पर स्याही लगी होगी तो उसको वोट डालने में परेशानी झेलनी पड़ सकती है. इसका बड़ा कारण यह भी है की बैंक उसी ऊँगली पर स्याही लगा रहा है जिस ऊँगली पर वोट डालने के दौरान स्याही लगती है. चूँकि चुनाव कल ही है इसलिए वोटर की ऊँगली से स्याही निकलने में कोई समय नही मिलेगा.

चुनाव् आयोग के बाद विपक्षी दलों ने भी केद्र सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा की यह किस कानून में है की मैं अपना पैसा ही एक्सचेंज नही कर सकता, आप मुझे कैसे रोक सकते है. अब नाख़ून पर इंक लगेगी, आप क्या साबित करना चाहते है. उधर आजम खान ने इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा था की जनता की ऊँगली पर नही बल्कि चेहरे पर स्याही लगनी चाहिए.


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