नई दिल्ली | पिछले दो महीनो से ईवीएम विवाद पर छिड़ी जंग खत्म होने का नाम नही ले रही है. खासकर आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को छोड़ने के बिलकुल मूड में नही है. यही वजह है की उन्होंने दो दिन पहले ईवीएम् जैसी दिखने वाली मशीन को विधानसभा में हैक करके दिखाया और गुरुवार को चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया. दरअसल यह पूरा मामला बीएमसी चुनावो के नतीजे आने के बाद शुरू हुआ.

यहाँ बीएमसी चुनावो में निर्दलीय खड़े हुए एक उम्मीदवार ने दावा किया था की मतगणना के दिन उन्हें उस बूथ से एक भी वोट नही मिली जहाँ उनकी खुद की वोट है. उन्होंने दावा किया था की उन्होंने और उनके परिवार वालो ने उनकी ही वोट दी थी लेकिन मतगणना में उन्हें एक भी वोट नही मिली. श्रीकांत गणपत नामक इस उम्मीदवार का जिक्र आम आदमी पार्टी भी कई बार कर चुकी है.

और पढ़े -   पेट्रोल-डीजल के बेलगाम होते दाम पर केन्द्रीय मंत्री का विवादित बयान कहा, तेल खरीदने वाला नही मर रहा भूखा, सोच समझकर लिया फैसला

खुद आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने इनका उदहारण दिल्ली विधानसभा में दिया. लेकिन चुनाव आयोग के अनुसार श्रीकांत का यह दावा गलत है. चुनाव आयोग ने एक बयान जारी कर बताया की श्रीकांत की दो बूथों पर वोट बनी हुई है. कमिश्नर अविनाश टी सनस के अनुसार श्रीकांत 164 नम्बर साकी नाका क्षेत्र से खड़े हुए थे. लेकिन चौकाने वाली बात यह है की वोटर लिस्ट में उनका नाम दो बूथों पर दर्ज है. बूथ नम्बर 29 और 15 दोनों जगह उनका नाम है.

और पढ़े -   गौरक्षकों के डर से पहलू खान के ड्राइवर ने छोड़ा अपना मवेशी पहुंचाने का काम

इंडियन एक्सप्रेस ने अविनाश के हवाले से बताया की वो लम्बे समय से बूथ नम्बर 29 के क्षेत्र में रह रहे है. इसलिए उन्होंने इस बूथ पर अपना वोट दिया होगा. श्रीकांत का यह आरोप की उन्हें खुद और उनके परिवार की वोट भी नही मिली , गलत है. क्योकि उनको बूथ नम्बर 29 पर 11 वोट मिले जबकि बूथ नम्बर 15 पर उनको दो वोट मिले. इस तरह किसी उम्मीदवार का दो जगह नाम होना धारा 17 और 18 का उलंघन है जो कहती है की एक शख्स का नाम एक ही चुनावी क्षेत्र में होगा.

और पढ़े -   पीएम मोदी को जन्मदिवस पर किसानों से मिले 68 पैसे के चेक

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE