नई दिल्ली | हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावो के नतीजो आने के बाद कुछ विपक्षी पार्टियों ने ईवीएम् में छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया. राजनितिक दलों का मानना है की बीजेपी ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चुनावो में ईवीएम् को मैनेज कर प्रचंड जीत हासिल की. उधर आम आदमी पार्टी ने पंजाब में भी इसी तरह की चीजे होने की आशंका जाहिर की.

विपक्षी दलों के लगातार दबाव डालने से बेकफूट पर आये चुनाव आयोग ने ईवीएम् में गड़बड़ी की सभी आशंकाओ को दूर करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है. यह बैठक 12 मई को बुलाई गयी है. बैठक में चुनाव आयोग सभी दलों की आशंकाओ को पर गौर करेगा और यह समझाने की कोशिश करेगा की भारत में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम् मशीन सबसे सुरक्षित मशीन है.

और पढ़े -   मोदी सरकार ने SC में दाखिल किया हलफनामा, कहा - रोहिंग्‍या से देश की सुरक्षा को खतरा

इसके अलावा चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए चुनाव आयोग द्वारा उठाये गये कदमो की भी जानकारी दी जाएगी. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने इस बारे में बताते हुए कहा की हमने सभी आशंकाओ को दूर करने के लिए वीवीपेट मशीन खरीदने का फैसला किया है. इसके लिए हमें मोदी सरकार से धनराशी भी प्राप्त हो चुकी है. यही नही हमने बीईएल और ईसीआई को 15 लाख वीवीपेट मशीन का आर्डर भी दे दिया है.

और पढ़े -   रोहिंग्या मुस्लिमो को लेकर चिंतित है ममता बनर्जी, मोदी सरकार से की मदद की अपील

नसीम जैदी ने आगे कहा की हमारा प्रयास है की आने वाले सभी चुनावो में इस मशीन का इस्तेमाल हो सके जिससे वोटर आश्वस्त हो की उसने जिसे वोट दी है वो ही मशीन में दर्ज हुआ है. दरअसल वीवीपेट एक ऐसी मशीन है जिसमे से एक पर्ची निकलती है जिस पर उस पार्टी का निशान होता है जिसे आपने वोट दी है. कई विपक्षी दल लगातार इस मशीन को चुनावो में इस्तेमाल करने की मांग करते आये है. लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से धन नही मिलने की वजह से चुनाव आयोग इन मशीनो को नही खरीद पाया.

और पढ़े -   गुजरात दंगो पर झूठ बोलने को लेकर राजदीप सरदेसाई ने अर्नब गोस्वामी को बताया फेंकू

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE