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ईद उल अजाह के मौके पर दी जाने वाली कुर्बानी पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई हैं. याचिका में कुर्बानी को अमानवीय और बर्बर बताते हुए पशुओं की हत्या रोकने की गुहार लगाई है.

उत्तर प्रदेश के सात वकीलों द्वारा दाखिल की गई इस याचिका में पशु क्रूरता रोकथाम कानून की वैधता को चुनौती देते हुए कहा गया कि केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया जाए कि वह यह सुनिश्चित करें कि बकरीद पर किसी भी पशु को न मारा जाए.

वकील विष्णु शंकर जैन दायर पीआईएल में पशु क्रूरता रोकथाम कानून 1960 की धारा 28 की संवैधानिकता को चुनौती दी हैं जिसमे धार्मिक मान्यताओं के चलते बलि या कुर्बानी की छूट प्रदान की गई हैं. जैन ने कहा है कि इस कानून में कोई छूट नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 21 व 25 के खिलाफ है.

गौरतलब रहें कि इससे पहले भी कुर्बानी से जुडी इंदौर की भाजपा विधायक ऊषा ठाकुर की याचिका पर सुनवाई करते हुए पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सदियों पुरानी परंपरा को कैसे खत्म किया जा सकता है.


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