गुलबर्ग केस के फैसले पर जकिया ने कहा - कोर्ट ने मेरे साथ अन्याय किया, हाईकोर्ट जाऊंगी

2002 गुजरात दंगों के समय गुलबर्ग सोसायटी में 69 लोगों की हत्या के मामले में आज सुनाए गए फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं इस सजा से संतुष्ट नहीं हूं. कम सजा दी गई है. मुझे फिर तैयारी करनी होगी, वकीलों से राय लेकर आगे बढ़ना पड़ेगा. मुझे न्याय नहीं मिला.

कोर्ट के फैसले पर असंतोष जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह केस आज खत्म नहीं हुआ है, मै वहीं पर हैं जहां से चली थीं. मेरी जद्दोजेहद खत्म नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि सुबह 7 बजे से यह सब शुरू हुआ, मैं वहीं थी. मैंने सब अपनी आंखों से देखा. मेरे सामने इतनी बेरहमी से लोगों को जलाया गया. मेरे पति अहसान जाफरी को भी जला दिया गया. क्या ऐसे लोगों को इतनी कम सजा मिलनी चाहिए. यह गलत इंसाफ है, ज्यादातर लोगों को छोड़ दिया है. सभी को उम्रकैद की सजा दी जानी चाहिए.

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उन्होंने कहा कि इस घटना में कई सारे लोग मारे गए. केवल 12 लोग दोषी? मुझे इसके खिलाफ लड़ना होगा. मै अपने वकील से फिर इस मामले पर सलाह लुंगी.


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