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संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर के पोत्र प्रकाश अंबेडकर ने आरएसएस पर दशहरे के दिन प्रदर्शित किये जानें वालें हथियारों का हिंसा के दौरान दलित और मुसलमानों के खिलाफ उपयोग करने का आरोप लगाया हैं.

गुजरात के राजकोट शहर में राष्ट्रीय दलित अधिकारों के लिए बुलाई एक सभा में उन्होंने कहा कि हिंदुओं के त्यौहार दशहरे के दिन जो हथियार आरएसएस द्धारा प्रदर्शित किए जाते हैं. उनका इस्तेमाल दलित और मुसलमानों के खिलाफ किया जाता है.

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उन्होंने आरएसएस से सवाल करते हुए कहा कि मैं आरएसएस से पूछना चाहता हूँ की वह दशहरे वाले दिन इन हथियारों की नुमाइश लगाकर वह क्या साबित करना चाहते हैं? उन्होंने आगे कहा, पिछले वक़्त में देश के राजा ऐसे करते थे वह तो समझ में आता हैं कि उन हथियारों से उनको हमारी रक्षा करनी होती थी लेकिन आज हम आजाद हैं और हमें हमें शांति, विकास और भाईचारा चाहिए जिसमें हथियारों की जरूरत नहीं होती.

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उन्होंने आरएसएस को सबोधित करते हुए कहा, आप इन हथियारों को किस पर इस्तेमाल करना चाहते हैं भला ? पाकिस्तान से लोग यहां आकर बम फोड़ कर वापस चले जाते हैं लेकिन आरएसएस, VHP या बजरंग दल के किसी सैनिक ने तो पाकिस्तान जाकर बम नहीं फोड़ा. अगर ऐसा कुछ करते फिर भी समझ में आता.

साथ ही उन्होंने दलितों से हिंदू दक्षिणपंथी संगठन को खत्म करने का आह्वान करते हुए कहा, देश के दलितों को मंदिर जाना बंद कर देना चाहिए क्योंकि मंदिर के पैसों का इस्तेमाल आरएसएस के कार्यक्रम और हथियार इकट्ठे करने में होता है. अगर दलित मंदिर जाना और धार्मिक संगठनों को दान देना बंद कर दे तो संघ की आधी शाखा बंद हो जाएंगी.

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