इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रटरीज़ ऑफ इंडिया (ICSI) की फाउंडेशन परीक्षा में अहमदाबाद के मुस्तफा ने मिल्लत के नौजवानों के लिए एक बड़ी मिसाल पेश की है. 20 साल के मुस्तफा सिबात्रा के पिता स्कूल वैन के ड्राइवर है. बेहद ही गरीब परिवार से होने के बावजूद मुस्तफा ने अपनी मेहनत से ये मुकाम हासिल किया है. मुस्तफा ने 400 में 365 अंक हासिल करके ये मुकाम हासिल किये है.

अपनी कामयाबी के बारें में उन्होंने कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं और जहां तक पहुंचा हूं इन सबके पीछे मेरी कड़ी मेहनत और माता-पिता का आशीर्वाद है. अपनी मेहनत के बारें में मुस्तफा कहते है कि मुस्तफा कहते हैं, ‘मैं हर दिन 2 बस बदलकर इंस्टिट्यूट पहुंचता हूं. इसमें मुझे करीब 2 घंटे का वक्त लगता है और इतना ही वक्त मुझे घर वापस जाने में भी लगता है. घर वापस पहुंचकर मैं फिर से पढ़ाई करता हूं.’

मुस्तफा की सफलता पर उनकी माँ फातिमा ने कहा कि ‘मुस्तफा के पिता को डायबीटीज है और इस छोटी सी इनकम में सबकुछ मैनेज करना मुश्किल था लेकिन हमने इसे कभी मुस्तफा के राह की बाधा बनने नहीं दिया. आज मैं अपने बेटे पर बहुत गर्व महसूस कर रही हूं क्योंकि उसकी कड़ी मेहनत रंग लायी है.’

मुस्तफा के पिता मुफ्फदल सिबात्रा कहते हैं, ‘हम पर किसी का कोई कर्ज नहीं है. यह सब मेरे बेटे की कड़ी मेहनत का नतीजा है क्योंकि वह जानता है कि पढ़ाई करना कितना महत्वपूर्ण है.’


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