आगरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर शनिवार रात को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की कार समेत कई गाड़ियों की टक्कर हो गई थी। घटना की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर में कहा गया है कि मंत्री के काफिले में शामिल गाड़ी ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी थी। इससे बाइक सवार की मौत हो गई थी, जबकि उसके साथ सवार दो बच्चे घायल हो गए। बाइक सवार आगरा के डॉक्टर रमेश नागर की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनके परिवार के लोगों का आरोप है कि उनके साथ यात्रा कर रही उनकी बेटी और भतीजे को सात घंटे बाद सही इलाज मिल सका।

स्मृति ईरानी के काफिले में शामिल कार से हुई डॉक्टर की मौत: एफआईआर

एक्सिडेंट के कुछ देर बाद ही स्मृति ईरानी ने ट्वीट कर कहा था कि मैं सुरक्षित हूं। आपकी चिंता और दुआओं के लिए धन्यवाद। स्मृति ने ट्वीट किया था कि एक्सप्रेस-वे पर एक्सिडेंट की वजह से कई गाड़ियां आपस में भिड़ गईं। दुर्भाग्य से मेरी कार और मुझसे आगे चल रही पुलिस की जिप्सी भी टकरा गईं। सड़क पर पड़े घायलों की मदद करने की कोशिश की गई और उन्हें अस्पताल ले जाना सुनिश्चित किया है। उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना है। लेकिन एफआईआर दर्ज कराने वाले पीड़ित के बेटे अभिषेक नागर का दावा इसके उलट है। उनका कहना है कि ईरानी ने पीड़ितों को नजरअंदाज किया और आगे अपने सफर पर निकल गईं। वह तो बाद में पुलिस बच्चों को अस्पताल लेकर पहुंची।
शनिवार की शाम को एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी वृंदावन में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही थीं। मथुरा के मांट पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, घटना के बाद ड्राइवर फरार हो गया। एफआईआर के मुताबिक, मंत्री के काफिले में शामिल तेज गति से चल रही (डीएल 3सी बीए 5315) नंबर कार ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी, जिसमें रमेश और दो बच्चे सवार थे। वह तीनों एक शादी में जा रहे थे। आरोप है कि नागर के आठ साल के भतीजे पंकज को मथुरा के जिला अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा भी नहीं दी गई।
पंकज लगातार सात घंटे तक दर्द से तड़पता रहा और आखिर में उसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कराया गया। वह बेहोश था। वहां डॉक्टरों ने पंकज की बांह का सीटी स्कैन करने के बाद प्लास्टर किया, उसकी बांह में फ्रैक्चर हो गया है। एक परिजन ने बताया कि रविवार को सुबह चार बजे के करीब हम बच्चों को ऐम्बुलेंस में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने पंकज का सीटी स्कैन करने के बाद उसकी बांह पर प्लास्टर किया और संधाली का भी उपचार किया।
मथुरा जिला अस्पताल के चीफ मेडिकल अधीक्षक डॉ. कामता प्रसाद गर्ग ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया। गर्ग ने कहा कि हमने उन्हें दवाइयां दी थीं। इसके अलावा हमने ऑर्थोपेडिक और सर्जन से भी संपर्क किया था, लेकिन वह रात में नहीं आए। मांट के डिप्टी एसपी संज्य कुमार ने बताया कि दिल्ली के अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 304 ए, 337, 338 और 427 के तहत केस दर्ज किया गया है। (liveindiahindi)

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