फरुखाबाद | हमारे देश में व्यापत भ्रष्टाचार अपनी जड़े कितनी गहराई तक जमा चूका है यह किसी को बताने की जरुरत नही है. शायद ही कोई ऐसा सरकारी विभाग हो जहाँ भ्रष्टाचार व्यापत न हो. बिना पैसे दिए काम करवाना मुश्किल ही नही नामुमकिन सा नजर आता है. भ्रष्टाचार का ही नतीजा है की सरकार की कई अच्छी योजनाओं का लाभ भी आम जनता को नही मिल पाता जिसकी वजह से हमारा समाज आजादी के बाद भी शोषित महसूस करता है.

हालाँकि सरकार से लेकर बड़े अधिकारियो ने कर्मचारियों को भ्रष्टाचार करने से रोकने के लिए काफी जतन किये है लेकिन ज्यादातर नाकामयाब ही रहे है. इस बार फरुखाबाद के डीएम ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बेहद ही अनोखी पहल की है. उन्होंने जिले के बड़े अधिकारियो से लेकर नीचे के कर्मचारियों की एक बैठक कर उनसे भ्रष्टाचार न करने की सलाह दी गयी. इसके अलावा सभी लोगो को सेंट्रल जेल के भी दर्शन कराये गए.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फरुखाबाद के डीएम रविन्द्र कुमार ने पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार सातनपुर गल्ला मंडी में जिले के डीडीओ , डीपीआरओ , सीडीपीओ, बीएसए, सारे एसडीएम , तहसीलदार, लेखपाल वीडीओ, सरकारी राशन दुकानदार और बाकी कर्मचारियों को बैठक में बुलाया. बैठक में डीएम ने कहा की सरकार प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन चाहती है और इसके लिए किसी भी हद तक जाया जा सकता है.

डीएम रविन्द्र कुमार ने आगे कहा की जनता को इन्साफ नही मिल रहा है , सरकारी स्कीमों का फायदा उन तक नही पहुँच रहा है. मैंने गाँव में जमीनों पर हुए कब्जे की लिस्ट मांगी थी जो अभी तक नही मिली. दुसरे की जमीन पर कब्जे नही होने चाहिए. इस दौरान डीएम ने सभी लोगो को उन कर्मचारियों के बारे में भी बताया जो भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद है. बैठक के बाद सभी लोगो को फतेहगढ़ सेंट्रल जेल ले जाया गया और वहां पर बंद सरकारी कर्मचारियों से उनको मिलवाया गया.

रविन्द्र कुमार का कहना है की जेल में बंद अपने साथियों से मिलने के बाद सभी कर्मचारियों को इस बात का डर जरुर रहेगा की अगर वो भ्रष्टाचार करेंगे तो उनको भी जेल में जाना पड़ सकता है. इस दौरान एक सेमीनार भी आयोजित किया गया जिसमे जेल में बंद सभी कर्मचारियों ने अपने अनुभव उनके साथ साझा किये.


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