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नई दिल्ली । देश के पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा, आजकल मोदी सरकार की नितियो की काफ़ी आलोचना कर रहे है। वह लगातार नोट बंदी और जीएटी पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे है। उनका कहना है की नोट बंदी और जीएसटी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। इस बार उन्होंने एक आँकड़ा देते हुए कहा की इन दोनो फ़ैसले की वजह से देश को क़रीब 3.75 लाख करोड़ का नुक़सान हुआ है।

इंड़ीयन इक्स्प्रेस के अनुसार ‘लोकशाही बचाओ अभियान’ में लोगों को सम्बोधित करते हुए यशवंत सिन्हा ने मोदी की तुलना तुग़लक़ से की। उन्होंने कहा,’ इतिहास में कई ऐसे सम्राट, शासक और राजा रहे है जिन्होंने नोट बंदी की। इन राजाओं ने प्रचलित मुद्राओं को बंद कर अपनी मुद्रा चलायी। क़रीब 700 साल पहले इस देश में एक राजा था, मुहम्मद बिन तुग़लक़। वह इतिहास में अपने साम्राज्य की राजधानी दिल्ली से दौलताबाद करने के लिए कुख्यात है।’

यशवंत सिन्हा ने आगे कहा,’ लेकिन वह एक और वजह से प्रसिद्ध हुआ। उसने पहले से प्रचलित सोने और चाँदी के सिक्कों की जगह ताम्बे और पीतल की मुद्रा चलायी थी। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। नोट बंदी को इतना अहम माना गया कि पीएम ने फैसला किया कि वह आरबीआई गवर्नर या वित्‍त मंत्री को ऐसा करने देने के बजाय , खुद इसकी घोषणा करेंगे।’

नोट बंदी को विफल बताते हुए यशवंत सिन्हा ने कहा की जब मोदी जी को लगा की नोट बंदी अपने लक्ष्यों को प्राप्त नही कर पाएगी तो उन्होंने कैशलेस इकॉनमी की बात करना शुरू कर दिया। हालाँकि जब लोगों के पास पैसा ही नही था तो देश पहले ही कैशलेस हो चुका था। इस दौरान वहाँ मौजूद लोगों ने ख़ूब तालियाँ बजायी। यशवंत सिन्हा ने कहा कि नोट बंदी और जीएसटी की वजह से देश को 3.75 लाख करोड़ का नुक़सान हुआ। इसलिए इन दो विफल नितियो की वजह से देश अरुण जेटली से इस्तीफ़ा माँग सकता है।


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