सौजन्य से: ANI

आगरा | नोट बंदी को मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक बताने वाले कभी भी इस फैसले के दुसरे पहलु पर बात नही करना चाहते. उनका कहना है की अगर सरकार के इस फैसले से थोड़ी बहुत समस्या हुई भी है तो वो कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी. लेकिन वो लोग शायद यह नही जानते की ये कुछ दिन उन परिवार पर कितने भारी पड़ रहे है जिनके कारोबार नोट बंदी की वजह से ठप्प हो गए है.

आगरा के रोहता में रेडिमेड कपड़ो का कारोबार करने वाले मनोज शर्मा का कारोबार भी नोट बंदी की वजह से ठप्प हो गया. इसी कारोबार के सहारे वो अपने परिवार का लालन पोषण कर रहे थे लेकिन अचानक से हुई नोट बंदी ने उनके सर पर मुसीबतों का पहाड़ तोड़ दिया. अब हालात ऐसे बन गए है की बच्चो की फीस भरने के भी लाले पड़ गए है. ऐसे में कई उनकी मदद करने के लिए न ही सरकार आगे आ रही है और न ही वो लोग जो इस फैसले को मास्टर स्ट्रोक बता रहे है.

चारो तरफ से दरवाजे बंद होने के बाद मनोज शर्मा की पत्नी आरती शर्मा ने बच्चो की पढ़ाई के लिए अपनी किडनी बेचने का फैसला किया है. अपने फेसबुक अकाउंट पर सारी बेबसी लिखते हुए आरती ने बताया की पिछले तीन महीनो से उनके बच्चो की फीस जमा नही हुई है जिसकी वजह से बच्चो को स्कूल से बाहर निकाल दिया गया. तीन बेटी और एक बेटे की माँ , आरती ने बताया की फ़िलहाल उनके घर की आर्थिक हालत बहुत खस्ता है.

इसलिए आरती ने आर्थिक मदद के लिए मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी से भी गुहार लगायी लेकिन वहां से भी कोई मदद नही मिली. इसके अलावा उन्होंने स्थानीय अधिकारों से भी मदद मांगी लेकिन कुछ फायदा नही हुआ. इसके बाद उन्होंने योगी से भी मुलाकात की जिसमे उन्होंने मदद का आश्वासन दिया. अंत में सारे दरवाजे बंद होने के बाद आरती ने फेसबुक पर अपनी किडनी बेचने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने लिखा की जिस किसी को भी किडनी की जरुरत है वो मुझसे सम्पर्क करे. फ़िलहाल यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.


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