नई दिल्ली: जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना सैय्यद अहमद बुखारी ने भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी का नाम लिए बिना कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद के स्थान पर जबरदस्ती मंदिर बनाने की बातें करने वालों का न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है और वे बहाना बनाकर देश में साम्प्रदायिक माहौल बनाना चाहते हैं ।

इतनी जल्दी क्यों ?: बुखारी ने एक बयान में कहा कि जो लोग बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर बनाने की बात करते हैं उन्हें यह मालुम होना चाहिए कि मंदिर का निर्माण तो दूर की बात है, वह वहां एक ईंट भी नही रख सकते। जब मुसलमान बाबरी मस्जिद के मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले तक इंतजार के लिए तैयार हैं तो मंदिर बनाने की बातें करने वालों को आखिरी इतनी जल्दी क्यों है?

देश का माहौल बिगाडऩे की कोशिश: इमाम ने कहा कि मंदिर बनाने वालों की बौखलाहट और जल्दबाजी से एक बात साबित होती है कि उनके पास न तो इस बात का कोई सबूत है कि बाबरी मस्जिद की जगह राम जन्म भूमि है और न ही इस बात का कोई ठोस प्रमाण है कि अयोध्या में मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनायी गयी थी। मंदिर निर्माण की बात कहकर देश के साम्प्रदायिक माहौल को बिगाडऩे की कोशिश की जा रही है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया के अल्पसंख्यक दर्जे पर सवालिया निशान लगाने पर भी इमाम ने चिन्ता जतायी और कहा कि इससे दोनों शैक्षिक संस्थाओं में शिक्षा का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। बुखारी ने कहा कि वह दोनों मसलों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे और इसकी वजह से अल्पसंख्यकों में व्याप्त चिन्ता से अवगत करायेंगे। वह प्रधानमंत्री से दोनों मुद्दों के हल के लिए कदम उठाने का आग्रह करेंगे जिससे देश में साम्प्रदायिक माहौल किसी प्रकार से नहीं बिगड़े। साभार: राजस्थान पत्रिका


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