केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा, रंगनाथ मिश्रा आयोग या सच्चर समिति की रिपोर्टों से सहमत नहीं है। हम उन लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं देंगे जो धर्मांतरण कर चुके हैं।

यह दावा करते हुए कि अल्पसंख्यक समुदायों के दलितों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने से धर्मांतरण को बढ़ावा मिलेगा, केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत ने सोमवार को कहा कि केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उन्हें ऐसे अधिकार देने पर सहमत नहीं हुआ जा सकता। ईसाई और मुस्लिम समुदायों के दलितों को आरक्षण देने की रंगनाथ मिश्रा आयोग और सच्चर समिति की सिफारिशों का जोरदार विरोध करते हुए उन्होंने यहां हिंदू नेतृत्व समागम में कहा कि संविधान में उन दलितों को आरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है जो अन्य धर्म में चले जाते हैं।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे किसी कदम से ‘‘हिंदू धर्म कमजोर होगा।’’ उन्होंने हिंदू ऐक्य वेदी के इस कार्यक्रम में कहा, ‘‘हमारी सरकार ने अदालत में लिखित में कहा कि वह रंगनाथ मिश्रा आयोग या सच्चर समिति की रिपोर्टों से सहमत नहीं है। हम उन लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं देंगे जो धर्मांतरण कर चुके हैं। हम संविधान का अक्षरश: पालन कर रहे हैं।’’ हिंदू ऐक्य वेदी केरल में संघपरिवार का एक संगठन है।

गहलोत ने कहा हिंदू समुदाय में दलितों को आरक्षण उन्हें अस्पृश्यता से सामाजिक और आर्थिक रूप से ऊपर उठाने के लिए दिया गया था जबकि ईसाई ओर मुस्लिम समुदायों में ऐसी प्रथा नहीं है। अतएव जिन लोगों ने धर्मांतरण कर लिया है, उन्हें अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने से धर्मांतरण को बढ़ावा मिलेगा और हिंदू धर्म कमजोर होगा। संविधान में ऐसी व्यवस्था नहीं है।’’ उन्होंने कांग्रेस पर अल्पसंख्यक समुदायों को लाभ पहुंचाने के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कोटों को घटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। (Jansatta)


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