09_thsri_modi_2305331f

देश भर में भगवा संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित गौरक्षा के नाम पर दलितों के साथ किये जा रहे अत्याचार को लेकर दलित सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं. एनडीए के दलित सासंदों ने गौक्षा के नाम पर हो रही गुंडागर्दी को मानवता और देश के लिए दाग बताते हुए सरकार से इन मामलों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के लिए कहा है.

संडे एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कुछ सांसदों ने कहा कि इन सब से विकास और सामाजिक समरसता का जो संदेश पीएम मोदी देना चाहते हैं वह कहीं पीछे छूटता जा रहा है. उन्होंने इन मामलों को कम करने के लिए पीएम मोदी कड़ा संदेश देंने को कहा हैं. सांसदों का ये बयान राज्‍यमंत्री रामदास अठावले के बयान के बाद आया हैं.

पीएम मोदी की कैबिनेट में सामाजिक न्‍याय मंत्रालय में राज्‍यमंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को कहा था कि ‘गोरक्षा जरूरी है लेकिन इंसानों को कौन बचाएगा?’ अठावले ने जोर देकर कहा कि गुजरात में दलितों पर हुए हमले जैसी घटनाएं भविष्‍य में दोहराई नहीं जानी चाहिए.

यूपी के नगीना से सांसद यशवंत सिंह ने कहा, ‘उन लोगों को गऊ रक्षा करनी सीखनी चाहिए. गाय की रक्षा का मतलब होता है गाय को पालना, उन्हें अच्छा खाना देना, यह देखना कि जो उन्हें खाना और पानी दिया जा रहा है वह साफ हो. दलितों को मरी हुई गाय की खाल उतारने पर मारना गऊ रक्षा नहीं है. यह उनको समाज द्वारा दिया गया काम है.

यूपी के मोहनलालगंज से सांसद कौशल कुमार ने कहा, ‘इस तरह का काम करने वालों को पहले पूरी बात जान लेनी चाहिए. सभी राज्य सरकारों को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए. मुझे शक है कि यह सच में गऊ रक्षा है या फिर कोई राजनीतिक साजिश.’

इटावा से सांसद अशोक कुमार ने इसे मानवता पर धब्बा बताते हुए कहा, ‘मुझे यह सब राजनीतिक साजिश लगती है. क्योंकि पीएम तो सामाजिक समरसता लाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन कुछ लोग माहौल खराब कर रहे हैं.’


लाइक करें :-


Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें

कमेंट ज़रूर करें