आंबेडकराइट पांर्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागपुर के जिलाधिकारी विजय मानकर ने हिन्दुओं की धार्मिक पुस्तक गीता को लेकर विवादित बयान दिया है. उनहोंने कहा कि गीता को फाड़कर कूड़ेदान में फेंक देना चाहिए.

वीडियो जारी कर उन्होंने कहा कि वे बाबा साहेब आंबेडकर के सिद्धांतों को मानते है.  ऐसे में अबेडकर द्वारा लिखित संविधान ही उनके लिए राष्ट्रीय ग्रंथ हैं. उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करनेवाली अदालतों में न्यायाधीशों के समक्ष जिस गीता पर हाथ रख कर शपथ दिलायी जाती है, उसे ही उन्होंने कहा कि वह दुनिया के किसी भी ग्रंथ की पंक्ति में बैठने लायक नहीं है.

और पढ़े -   शरद यादव के आह्वान पर दिल्ली में एकजुट हुए विपक्षी दल

उन्होंने गीता को घटिया करार देते हुए कहा कि उसे कचरे के डब्बे में फेंक देना चाहिए. वीडियो में विजय मानकर ने कहा कि जो गीता युद्ध और हिंसा को धर्म बताती है उसे कचरे के डिब्बे में फेंक देना चाहिए. हालांकि ये वीडियो कब का है इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं की गई है. कोहराम न्यूज़ भी इस वीडियो की पुष्टी नहीं करता है.

#विजय_मानकर कह रहे हैं कि गीता को कूड़े के ढेर मे फेंक देना चाहिये……

Posted by Ali Sohrab on Tuesday, 23 May 2017

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं आज इस मंच से कहता हूं कि गीता को कचरे की पेटी में फेंक देना चाहिए. गीता कहती है कि मैंने वर्ण व्यवस्था बनाई है, गीता कहती है कि ब्राह्मण श्रेष्ठ होते हैं हमें ब्राह्मणों की पूजा करनी चाहिए. गीता महिलाओं को कनिष्ठ मानती है, हिंसा और युद्ध को धर्म बताती है. गीता समता को नकारती है, इंसानियत और स्त्री पुरुष में समानता को नकारती है. जो गीता हिंसा को धर्म बताती है उसे इस देश का राष्ट्रीय ग्रंथ तो क्या दुनिया के किसी भी ग्रंथ की पंक्ति में बैठने के लायक भी नहीं है.’

और पढ़े -   महाराष्ट्र में फडनवीस की पत्नी का कंसर्ट, टिकेट बेचने का जिम्मा पुलिस पर

Urdu Matrimony - मुस्लिम परिवार में विवाह के लिए अच्छे खानदानी रिश्तें ढूंढे - फ्री रजिस्टर करें



Facebook Comment
loading...
कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें

SHARE