अहमदाबाद | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कई जिलो का दौरा किया है. इस दौरान उन्होंने कुछ दलित बस्तियों का भी दौरा किया. इसमें कुशीनगर जिले की मुसहर बस्ती भी शामिल है. यहाँ उन्होंने कुछ बच्चो को टिका लगाकर इंसेफलाइटिस टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. लेकिन इस दौरे को लेकर काफी विवाद भी हुआ. खबर है की योगी के आने से पहले प्रशासन ने दलितों को साबुन, शैम्पू और सैंट का वितरण किया.

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इसी बात से नाराज होकर गुजरात का एक दलित संगठन ने योगी आदित्यनाथ को गिफ्ट के तौर पर साबुन देने का फैसला किया है. लेकिन यह कोई मामूली साबुन नही होगा बल्कि या 16 लम्बा होगा और इसको एक दलित महिला बनाएगी. गुजरात की डॉ आंबेडकर वचन प्रतिबद्धता समिति ने गुरुवार को इस बात की घोषणा की. इन्होने योगी आदित्यनाथ पर जातिवादी होने का आरोप लगाया.

इसी संगठन के किर्ती राठौड़ और कांतिलाल परमार ने योगी आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए कहा की उन्हें अपनी अशुद्धियो को साफ़ करने की जरुरत है. इसलिए हम उनको इतना लम्बा साबुन भेंट कर रहे है. उन्होंने बताया की यह साबुन 9 जून को प्रदर्शनी के लिए रखा जायेगा. इसके बाद इसको योगी आदित्यनाथ को भेंट किया जायेगा. बताते चले की कांतिलाल और कीर्ति राठौड़ , अहमदाबाद स्थित एनजीओ नवसर्जन के भी सदस्य है.

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दरअसल इस पुरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब डेक्कन हेराल्ड ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था की योगी आदित्यनाथ जब कुशीनगर जिले की मुसहर बस्ती के दौरे पर गए तो वहां के जिला प्रशासन ने बस्ती के सभी दलितों को साबुन , शैम्पू और सैंट भेंट किये थे. इसके अलावा बस्ती के लोगो को निर्देश दिया गया था की वो मुख्यमंत्री के सामने साबुन और शैम्पू से नहाकर आये और सैंट लगाकर आये. डेक्कन की रिपोर्ट के बाद ही इस दौरे पर विवाद शुरू हुआ.

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