गुजरात के उना में कथित गौरक्षा के नाम पर दलित युवको की पिटाई का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा हैं. आज दलितों ने अहमदाबाद से दलित पैदल यात्रा की शुरुआत की.

दलितों की ये पैदल यात्रा ‘दलित अस्मिता यात्रा’ के रूप में शुरू की गई. इस यात्रा को दलित अत्याचार विरोधी समिट द्वारा आयोजित किया गया.इस पदयात्रा में मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हुए. इस यात्रा के दौरान दलितों ने मृत पशु नहीं उठाने की दुबारा से प्रतिज्ञा ग्रहण की.

अहमदाबाद के वेजलपुर इलाके से शुरू हुई ये पदयात्रा 15 अगस्त को ऊना में समाप्त होगी. 78 लोगो के साथ शुरू् की गई यह यात्रा स्वतंत्रता दिवस को मनाने के साथ खत्म होगी. इस यात्रा में कई लोगों के जुड़ने की सम्भावना हैं.

गौरतलब रहें कि कुछ दिन पहले अहमदाबाद में दलित महासम्मेलन आयोजित किया गया था. और साथ ही ऐलान किया गया था कि आज के बाद कोई भी दलित मृत पशु नहीं उठायेगा और उत्पीड़न नहीं सहन करेगा. इसी संदेश को पुरे भारत में पहुँचाने के लिए यह यात्रा आयोजित की गई हैं.


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